
राजनांदगांव।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने भाजपा सरकार पर युवतियों को कौशल प्रशिक्षण के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिले सहित प्रदेश की युवतियों को प्रशिक्षण के बहाने रायपुर और फिर बाहर भेजने का खेल चल रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशिक्षण केंद्रों की जांच की मांग
रूपेश दुबे ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण के नाम पर संचालित निजी केंद्रों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अनदेखी के चलते ऐसे संस्थानों को खुली छूट मिल रही है।
लुभावने ऑफर से फंसाने का आरोप
उन्होंने बताया कि रायपुर के रामनगर कोटा रोड स्थित एक संस्था द्वारा 18 से 35 वर्ष की महिलाओं और युवतियों को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण, नौकरी की गारंटी और अन्य सुविधाओं का लालच देकर पाम्पलेट बांटे जा रहे हैं। इसमें भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय का लोगो भी उपयोग किया गया है, जिससे भरोसा दिलाया जा रहा है।
डोंगरगढ़ की युवतियों का मामला
दुबे ने जानकारी दी कि राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक की 6 युवतियां इस झांसे में आकर रायपुर पहुंचीं। वहां उन्हें ट्रेनिंग के लिए बैंगलोर भेजने की बात कही गई। युवतियों के अनुसार, मना करने पर उन्हें बाहर जाने से भी रोका गया, जिससे वे घबरा गईं।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम बंद हो चुके हैं, जो युवतियों को बाहर भेजा जा रहा है? साथ ही यह भी पूछा कि क्या ऐसे मामलों में सरकार की अनुमति ली गई है और अब तक कितनी युवतियों को बाहर भेजा गया है।
अनुमति को लेकर विरोधाभास
दुबे ने बताया कि संबंधित संस्था द्वारा कलेक्टर से अनुमति होने की बात कही गई, जबकि कलेक्टर राजनांदगांव ने इस तरह की किसी अनुमति से इनकार किया है और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
सरकार पर लगाए आरोप
उन्होंने कहा कि महिला प्रशिक्षण भवन में शराब दुकान खोलने जैसे फैसलों से सरकारी प्रशिक्षण व्यवस्था कमजोर हो रही है, जिससे निजी संस्थाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
डेटा सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रदेश में संचालित सभी निजी प्रशिक्षण केंद्रों की जांच की जाए और अब तक बाहर भेजी गई महिलाओं एवं युवतियों का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।




