
राजनांदगांव।
राजनांदगांव जिले को राज्य बजट में फिर नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश कुमार चंपू ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
ठोस घोषणा का अभाव
चंपू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन राजनांदगांव के लिए कोई नई सौगात या विकास परियोजना घोषित नहीं की गई। संभागीय मुख्यालय की मांग, रोजगार सृजन, उद्योगों को प्रोत्साहन और व्यापारियों के लिए राहत पैकेज जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट प्रावधान नहीं दिखा।
व्यापारियों को राहत नहीं
उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण के बाद शहर का व्यापार प्रभावित हुआ है और छोटे व्यापारियों को विशेष राहत की आवश्यकता है। बावजूद इसके बजट में उनके लिए कोई विशेष योजना शामिल नहीं की गई।
युवाओं के लिए ठोस कदम नहीं
चंपू ने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर और बेरोजगारी भत्ता योजना को पुनः प्रारंभ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सरकार ने ठोस घोषणा नहीं की।
ऐतिहासिक जिले की उपेक्षा
उन्होंने कहा कि संस्कारधानी की पहचान रखने वाला ऐतिहासिक एवं औद्योगिक जिला होने के बावजूद राजनांदगांव की अनदेखी करना यहां की जनता के साथ अन्याय है।
पूरक बजट में विशेष पैकेज की मांग
अंत में चंपू ने सरकार से मांग की कि पूरक बजट में राजनांदगांव जिले के लिए विशेष पैकेज और विकास योजनाओं की घोषणा की जाए, ताकि जिले के विकास को गति मिल सके।




