E-Paperछत्तीसगढ़दुनियादेश

मूल आदिवासियों को “वनवासी” कहने के विरोध में अमित शाह का पुतला दहन

बालोद छत्तीसगढ़

आदिवासी समाज ने जताया विरोध

प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष Janak Lal Dhruv के निर्देश पर जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष Lata Korram के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ता और समाज के लोग शामिल हुए।

पहचान बचाने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान बनाए रखने की मांग की। जिलाध्यक्ष लता कोर्राम ने कहा कि भाजपा और आरएसएस द्वारा “वनवासी” शब्द का प्रयोग कर आदिवासी समाज का अपमान किया जा रहा है।

आदिवासी ही मूल पहचान”

लता कोर्राम ने कहा कि आदिवासी समाज विश्व का सबसे प्राचीन समाज है और उन्हें “आदिवासी” के रूप में ही संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “वनवासी” शब्द उन लोगों के लिए प्रयोग किया जाता है जो कुछ समय के लिए जंगल में निवास करते हैं।

इतिहास का किया उल्लेख

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान Rama 14 वर्षों के वनवास पर गए थे, इसलिए उन्हें वनवासी कहा गया, जबकि आदिवासी समाज आदिकाल से जंगलों में निवासरत है।

शहीदों को किया याद

लता कोर्राम ने कहा कि आदिवासी समाज भगवान Birsa Munda, शहीद Veer Narayan Singh और शहीद Gaind Singh के वंशज हैं, जिनके पूर्वजों ने अंग्रेजों से संघर्ष किया था।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष Chandresh Hirwani सहित नरेंद्र सिन्हा, अमृता नेताम, भूपेश सहारे, मुरलीधर भुआर्य, राजकुमार प्रभाकर, राकेश उइके, ललित कंवरे, कमलेश श्रीवास्तव, धर्मेंद्र रामटेके, अंचल साहू, धीरज उपाध्याय, वैभव साहू, सुमित शर्मा, साजन पटेल, संतोष चौधरी, चंद्रकांत राणा, पाल सिंह भुआर्य, रोहित सागर, शैलेन्द्र ठाकुर, देवेंद्र साहू, सुनील मंडावी, लोकेश साहू और तामेश कुमार सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!