सरकार की नाकामी से स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: शाहिद भाई

जिला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की भारी कमी
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं राजनांदगांव लोकसभा प्रभारी शाहिद भाई ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बदहाल हो गई है।
300 जरूरी दवाओं में सिर्फ 40-50 ही उपलब्ध
शाहिद भाई ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन के माध्यम से मिलने वाली आवश्यक दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अस्पतालों में अनिवार्य 300 दवाओं में से केवल 40 से 50 दवाइयां ही पहुंच रही हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्भवती महिलाओं और मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही दवाएं
उन्होंने बताया कि इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) और स्टेट ईडीएल के अनुसार अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता जरूरी है, लेकिन वर्तमान में हालात इसके विपरीत हैं। एंटीबायोटिक, मलेरिया, पेरासिटामोल, ओआरएस, आयरन और गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी दवाइयों तक की कमी बनी हुई है। इसके कारण मरीजों को निजी मेडिकल दुकानों से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेजों में भी जरूरी चिकित्सा सामग्री का संकट
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में लगभग 250 प्रकार की चिकित्सा सामग्रियों की जरूरत होती है, लेकिन केवल 70 से 80 प्रकार की सामग्री ही उपलब्ध कराई जा रही है। कई अस्पतालों में सिरिंज जैसी आवश्यक वस्तुओं की भी कमी देखी जा रही है।
15 दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस करेगी आंदोलन
शाहिद भाई ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी कर आम जनता को निजी अस्पतालों की ओर धकेल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर जिला, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।




