बालोद जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी, बालोद ने शनिवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
केवल 5 दिन शेष, 13 हजार से अधिक किसान अब भी धान बेचने से वंचित
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि धान खरीदी समाप्त होने में अब मात्र 5 दिन शेष हैं, लेकिन जिले में आज भी 13 हजार से अधिक किसान धान नहीं बेच पाए हैं। कई सहकारी समितियों में खरीदी की सीमा केवल एक क्विंटल कर दी गई है। जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके दूसरे और तीसरे टोकन नहीं काटे जा रहे हैं। कई केंद्रों में तो पूरी तरह धान खरीदी बंद कर दी गई है।
धान खरीदी के नाम पर अवैध वसूली, कर्मचारी निलंबित
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि धान खरीदी के नाम पर किसानों से अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे हैं। डौंडी ब्लॉक में इसी तरह के एक मामले में आरईओ को निलंबित किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है।
भाजपा के किसान और नेता भी परेशान, कलेक्टर से की मुलाकात
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि धान खरीदी को लेकर स्वयं भाजपा से जुड़े किसान और नेता भी परेशान हैं। जानकारी के अनुसार हाल ही में भाजपाई किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे, जिससे स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर हालात गंभीर हैं।
गलत गिरदावरी से किसान परेशान, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
कांग्रेस ने गिरदावरी में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि लिमोरा, मुजगहन सहित कई गांवों में किसानों का रकबा कम दर्ज किया गया है। इसके चलते किसान धान बेचने में असमर्थ हैं। कुछ किसान न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
बालोद में सबसे अधिक रकबा समर्पण, जबरन कार्रवाई का आरोप
प्रेस वार्ता में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक रकबा समर्पण का कार्य बालोद जिले में हुआ है। करीब एक लाख 20 हजार से अधिक किसानों से कथित रूप से जबरन रकबा समर्पण कराया गया। कांग्रेस ने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।
धान से भरा ट्रक चार दिन रहा लापता, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस ने धान परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। बताया गया कि कोडेवा धान खरीदी केंद्र से मलिघोरी संग्रहण केंद्र के लिए रवाना हुआ 900 बोरा धान से भरा ट्रक चार दिनों तक लापता रहा और बाद में बड्भूम के जंगल में लावारिस हालत में मिला, जबकि गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगे होने का दावा किया जाता है।
समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि धान खरीदी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस आंदोलन के लिए मजबूर होगी।




