
नवप्रवेशी बच्चों का हुआ भव्य स्वागत
डौण्डी। शासकीय प्राथमिक शाला अरमुरकसा में मंगलवार को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी बच्चों का गुलाल लगाकर, लड्डू खिलाकर एवं आत्मीय स्वागत कर शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाया गया।

जनपद सदस्य मंजू संजय बैस रहीं मुख्य अतिथि
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू संजय बैस, जनपद सदस्य जनपद पंचायत डौण्डी थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत अरमुरकसा के सरपंच श्री हलधर गोरे ने की। अतिथियों एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बच्चों और अभिभावकों का स्वागत किया।
गणवेश और पुस्तकों का वितरण
मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के करकमलों से नवप्रवेशी बच्चों को शाला गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर नई शुरुआत की खुशी साफ झलक रही थी।
शिक्षा के प्रति किया जागरूक

अपने उद्बोधन में श्रीमती मंजू संजय बैस ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने पालकों को बाल विवाह, बाल श्रम एवं विद्यालय छोड़ने जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया।
बच्चों को मिले टिफिन बॉक्स

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सभी नवप्रवेशी बच्चों को टिफिन बॉक्स का वितरण रहा। श्रीमती मंजू संजय बैस ने बच्चों को टिफिन बॉक्स भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों ने उपहार पाकर खुशी व्यक्त की।
शत-प्रतिशत नामांकन का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने गांव के सभी पालकों से अपने बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराने तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे” का संदेश दिया गया।
न्योता भोज के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम में प्रधान पाठक श्री छत्रपाल देशमुख, शिक्षक श्री विजय कुमार गौरे, श्रीमती कमलेश्वरी साहू सहित शाला प्रबंधन समिति के सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात सभी बच्चों को न्योता भोज के रूप में मिठाई एवं मिक्चर वितरित किया गया। यह न्योता भोज शिक्षक श्री विजय कुमार गौरे के भाई श्री लक्ष्मीकांत गौरे एवं श्रीमती लिकेश्वरी गौरे को प्रथम पुत्री रत्न की प्राप्ति के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।
अपील

शाला परिवार, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विद्यालय में नामांकन अवश्य कराएं तथा उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और एक शिक्षित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। साथ ही आसपास के ऐसे बच्चों को भी विद्यालय से जोड़ने में सहयोग करें, जो किसी कारणवश अभी तक स्कूल नहीं पहुंच पाए हैं। “हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा बढ़े” के संकल्प को सफल बनाने में सभी अपनी सहभागिता निभाएं।




