
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। होमगार्ड विभाग में पदस्थ सिपाही तिजउराम मंडावी ने कथित तौर पर अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना और मानदेय में गड़बड़ी से तंग आकर रविवार को अपने घर में कीटनाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या कर ली।
मृतक सिपाही ने अपने सुसाइड नोट में मानदेय राशि, भोजन एवं एरियर्स में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और गलत उपयोग का आरोप लगाया है। इसके अलावा, नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों द्वारा दो वाहन चालक और दो सिपाही रखने के कारण उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही सुरगी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सुरगी पुलिस चौकी प्रभारी शंकरगिरी गोस्वामी ने पुष्टि करते हुए बताया कि सिपाही ने कीटनाशक दवा का सेवन कर अपनी जान दी है। पुलिस सुसाइड नोट की बारीकी से जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस ने बड़े अधिकारियों के नाम और आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है। इस घटना से मृतक के परिवारजनों और विभागीय सहकर्मियों में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




