
राजनांदगांव, 10 नवंबर 2025 – सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में गुरुवाणी और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री गुरु तेग बहादर जी का जन्म 1 अप्रैल 1621 को अमृतसर में गुरु हरगोबिंद साहिब जी के घर हुआ था। वे वीरता, त्याग और धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक माने जाते हैं। 17वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा जबरन इस्लाम थोपे जाने के दौर में कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार हो रहे थे। पीड़ित ब्राह्मणों ने गुरु जी से मदद मांगी। गुरु जी ने कहा, “यदि तेग बहादुर बलिदान दे, तो सबका धर्म बच जाएगा।”

मानवता की रक्षा के लिए गुरु जी दिल्ली पहुंचे और मुगल दरबार में स्वयं को प्रस्तुत किया। कैद और यातनाओं के बावजूद उन्होंने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में उन्हें शहीद कर दिया गया।
“हिंद दी चादर” – गुरु तेग बहादर जी ने सिख, हिंदू और सभी धर्मों की रक्षा के लिए अपना शीश न्योछावर किया।
कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह ने गुरु जी के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग आज भी धार्मिक स्वतंत्रता की मिसाल है। गुरुवाणी के कीर्तन और अरदास के साथ समापन हुआ।




