
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा में किसान श्री फिरूराम के खेत (खसरा नंबर 676/6) में पहुँचकर सर्वेयर और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य का अवलोकन किया।
इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अवलोकन के समय जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और किसान उपस्थित थे।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सर्वेयर द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य का गहनता से निरीक्षण किया और इसकी प्रक्रिया की जानकारी ली। सर्वेयर संबंधित खसरा नंबर के खेत में जाकर डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप के माध्यम से खेत की तीन तस्वीरें खींचकर प्रविष्टि दर्ज करते हैं। इसके बाद पटवारी द्वारा इसकी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाती है।

किसानों को मिलेगा लाभ
कलेक्टर ने किसानों से बातचीत के दौरान बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से खेतों में बोई जाने वाली फसलों और उनके क्षेत्रफल की सटीक जानकारी प्राप्त होगी। इससे फसल रकबे को कम या अधिक दर्ज करने की संभावना खत्म हो जाएगी। इस पहल से किसानों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
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दस्तावेजों का सत्यापन आसान: किसानों को बार-बार दस्तावेज सत्यापित कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
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एक जगह सभी जानकारी: फसल से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री: किसानों के लिए अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना आसान होगा।
पारदर्शिता और सटीकता पर जोर
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से कृषि प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह पहल न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी सरल बनाएगी।




