
स्थापना दिवस का महत्व
भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस हर वर्ष 6 अप्रैल को पूरे देश में उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। यह दिन केवल एक संगठन की स्थापना का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, समर्पण और देश निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है।
1980 में हुआ गठन
वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने बताया कि 6 अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना के साथ भारतीय राजनीति में एक नई विचारधारा का उदय हुआ। पार्टी ने शुरू से ही राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए कार्य किया और आज यह विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित है।
अटल जी का नेतृत्व
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक दिन पर अटल बिहारी वाजपेयी को पार्टी का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। उनके नेतृत्व में संगठन मजबूत हुआ और विचारधारा जन-जन तक पहुंची।
मूल मंत्र की प्रेरणा
श्री वर्मा ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” देश के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यकर्ता इसी भावना के साथ समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में जुटे रहते हैं।
कार्यकर्ताओं से अ पील
इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी के सिद्धांतों को आत्मसात करें और संगठन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही, विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लें।
आत्ममंथन का दिन
शिव वर्मा ने कहा कि स्थापना दिवस हर कार्यकर्ता के लिए आत्ममंथन और नए संकल्प लेने का अवसर है, जो हमें गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है और भविष्य के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है।




