
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं राजनांदगांव लोकसभा प्रभारी शाहिद भाई ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे आम जनता के साथ छल बताते हुए कहा कि इस फैसले का फायदा आम लोगों को नहीं, बल्कि ऑयल कंपनियों और पूंजीपतियों को मिल रहा है।
जनता को नहीं मिल रहा लाभ
शाहिद भाई का कहना है कि यदि सरकार टैक्स कम करती है तो उसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दिखना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। कीमतें जस की तस बनी हुई हैं, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही।
एक्साइज ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी का आरोप
उन्होंने बताया कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी काफी कम थी, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में इसमें कई गुना वृद्धि की गई। उनके अनुसार, केंद्र सरकार और ऑयल कंपनियां इससे प्रतिदिन भारी कमाई कर रही हैं।
कच्चे तेल की कीमत बनाम खुदरा दर
शाहिद भाई ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ज्यादा थीं, तब भी देश में पेट्रोल-डीजल सस्ते थे। वहीं अब कीमतें कम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को महंगा ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
एथनॉल मिश्रण पर भी उठे सवाल
उन्होंने पेट्रोल में 20% एथनॉल मिश्रण के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कीमतों में कमी आनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जनता अभी भी महंगाई का बोझ झेल रही है।
ऑयल कंपनियों को फायदा?
शाहिद भाई ने आरोप लगाया कि हाल ही में कुछ कंपनियों द्वारा कीमत बढ़ाने के बाद एक्साइज ड्यूटी में कमी का फैसला लिया गया, जिससे कंपनियों को राहत मिले। उन्होंने इसे जनता से ज्यादा कंपनियों के हित में उठाया गया कदम बताया।
सरकार की नीतियों पर सवाल
अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां आम जनता की परेशानियों को कम करने में असफल रही हैं और यह निर्णय उसकी दूरदर्शिता की कमी को दर्शाता है।




