
बालोद |
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और छलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के 20 विशिष्ट कलाकारों को विशेष सम्मान से नवाजा जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले के ग्राम कोड़ेवा निवासी, रंग मया परिवार के संचालक-निदेशक प्रेम कुमार को पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ‘पुरोधा कलाकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
कला और संस्कृति में योगदान के लिए मिला सम्मान
यह प्रतिष्ठित सम्मान छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और फिल्म इंडस्ट्री में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को आदरणीय अलीम बंसी के द्वारा प्रदान किया जा रहा है। यह सम्मान प्रदेश की लोकपरंपरा और कलाकारों के संघर्ष व साधना को सम्मान देने का प्रतीक है।
16 वर्षों से कला क्षेत्र में सक्रिय प्रेम कुमार
प्रेम कुमार का जन्म 20 जुलाई 1996 को ग्राम कोड़ेवा, जिला बालोद में हुआ। कम उम्र में ही उन्होंने कला के क्षेत्र में कदम रखा और बीते 16 वर्षों से निरंतर छत्तीसगढ़ी लोककला, नृत्य और छलीवुड इंडस्ट्री में सक्रिय रहते हुए अपने गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
54 छत्तीसगढ़ी एल्बमों में निभाई अहम भूमिका
प्रेम कुमार अब तक 54 छत्तीसगढ़ी एल्बमों में बतौर हीरो अभिनय कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने कई एल्बमों में डांस कोरियोग्राफर के रूप में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। एक सशक्त लोक कलाकार होने के साथ-साथ उन्होंने आधुनिक कला मंचों पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
प्रदेश की नामचीन कला टीमों से जुड़ाव
प्रेम कुमार छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कला टीमों लोकरंग अर्जुन्दा, रंग झरोखा सहित अन्य सांस्कृतिक मंचों से जुड़े हुए हैं और निरंतर छत्तीसगढ़ी कला व संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
गांव और जिले में खुशी का माहौल
इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा के बाद ग्राम कोड़ेवा सहित पूरे बालोद जिले में खुशी और गौरव का माहौल है। स्थानीय कलाकारों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने प्रेम कुमार को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ी लोककला के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।




