
राजनांदगांव।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में राजनांदगांव शहर के पाटीदार भवन में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में मंच के पदाधिकारियों ने आगामी गर्जना रैली को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।
वार्ताकारों ने बताया कि मई 2026 में भारत के 755 अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े लगभग एक लाख प्रबुद्ध जनजातीयजन नई दिल्ली में एक वृहद सांस्कृतिक समागम के साथ महा गर्जना रैली आयोजित करेंगे। यह रैली संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक बदलाव एवं डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर निकाली जाएगी।
प्रेसवार्ता में बताया गया कि इस संबंध में जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा 16, 17 एवं 18 दिसंबर को तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में मंच के अखिल भारतीय अधिकारी, केंद्रीय टोली सदस्य, प्रांत संयोजक, प्रांत सह-संयोजक सहित देशभर के विभिन्न जनजाति समुदायों से आए लगभग 200 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली में महा गर्जना रैली से पूर्व पूरे देश में जनजाति समाज के बीच जाकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या में जनजातीयजन दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
जनजाति सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनजाति समाज के अधिकारों और संवैधानिक संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाएगा।



