
राजधानी रायपुर से सटे धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा टाढा में स्थित गोदावरी इस्पात स्टील फैक्ट्री में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हुआ। निर्माणाधीन प्लांट का हिस्सा ढहने और गर्म लोहे की पायलट पलटने से 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से 7 मजदूर 80% तक गंभीर रूप से झुलस गए। सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में फैक्ट्री मैनेजर की भी मौत हो गई है। कई मजदूरों के गायब होने की भी खबर है।
हादसे की भयावहता
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गर्म लोहे के लावा की चपेट में आने से कई मजदूर पूरी तरह जल गए। मजदूरों ने बताया कि उन्होंने कई बार सुरक्षा उपकरणों की कमी और जोखिम भरे माहौल की शिकायत प्रबंधन से की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को अनदेखा किया गया।

परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री गेट पर जोरदार हंगामा किया। वे मृतकों के लिए भारी मुआवजे और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फैक्ट्री परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विधायक अनुज शर्मा का त्वरित एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई और जांच के सख्त निर्देश दिए।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हंगामे को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को स्थिति नियंत्रित करने और फैक्ट्री परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
मजदूरों की मांग
मजदूरों और उनके परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। वे मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे और घायलों के लिए बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है। प्रशासन और सरकार से इस मामले में त्वरित और कठोर कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।




