
बालोद।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दल्लीराजहरा स्थित शहीद हॉस्पिटल के डिलीवरी वार्ड के सामने बने शौचालय की टॉयलेट सीट में नवजात का भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भ्रूण लगभग 6 माह का बताया जा रहा है।
सफाई कर्मचारी ने देखा भ्रूण, मचा हड़कंप
शनिवार सुबह शौचालय की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी की नजर टॉयलेट सीट में पड़े भ्रूण पर पड़ी। इसके बाद तत्काल डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर अस्पताल स्टाफ और पुलिस पहुंची।
अस्पताल प्रबंधन का दावा – बाहर से लाकर फेंका गया भ्रूण
शहीद हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सक डॉ. शैबाल कुमार जाना ने बताया कि यह भ्रूण अस्पताल में हुए किसी प्रसव से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई है, सभी प्रसव सुरक्षित हुए हैं और किसी भी नवजात के लापता होने की पुष्टि नहीं हुई है।
डॉ. जाना के अनुसार आशंका है कि किसी असामाजिक तत्व या क्षेत्र की किसी महिला द्वारा भ्रूण को बाहर से लाकर अस्पताल के शौचालय में फेंका गया है।
नाभि डोरी कटी नहीं थी, अस्पताल में प्रसव नहीं होने की पुष्टि
मुख्य चिकित्सक ने बताया कि भ्रूण की नाभि डोरी कटी नहीं थी। सामान्यतः अस्पताल में प्रसव के दौरान नाभि डोरी काटी जाती है, लेकिन इस मामले में भ्रूण नाल सहित पाया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रसव अस्पताल में नहीं हुआ। भ्रूण अविकसित अवस्था में था और सीधे टॉयलेट में फेंक दिया गया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
बालोद की एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आने-जाने वालों की पहचान की जा रही है उन्होंने बताया कि भ्रूण के DNA परीक्षण के जरिए मां की पहचान करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।


