नीर चेतना अभियान का शुभारंभ: तांदुला नदी की सफाई में उमड़ा जनसैलाब बालोद में जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, प्रशासन और जनता ने मिलकर निभाई सहभागिता
बालोद(छत्तीसगढ़)

जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले में जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई एवं पुनरुद्धार के उद्देश्य से आज से “नीर चेतना अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया गया। अभियान के पहले ही दिन बालोद शहर की जीवनदायिनी तांदुला नदी की साफ-सफाई के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं उतरकर की सफाई
इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं नदी में उतरकर सफाई की और जनभागीदारी का संदेश दिया।

जल संरक्षण की दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं विवेकपूर्ण जल उपयोग की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आज के छोटे प्रयास भविष्य की बड़ी समस्याओं का समाधान बन सकते हैं।
जल है तो कल है — वक्ताओं ने दिलाया जल संकट का एहसास
राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “जल है तो कल है” और पानी के संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता।
तांदुला नदी के पुनरुद्धार से बदली तस्वीर
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि कुछ माह पहले तांदुला नदी जलकुंभी से पूरी तरह पट गई थी, लेकिन प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से अब नदी का स्वरूप बदला है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बालोद जिले को जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनाया जाएगा।
जनभागीदारी से ही सफल होगा अभियान
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने नीर चेतना अभियान की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताया और सभी नागरिकों से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की।
संदेश साफ — पानी बचाइए, भविष्य बचाइए
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि हर नागरिक अपने दैनिक जीवन में जल का संरक्षण करेगा और तांदुला नदी सहित जिले के सभी जल स्रोतों को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रखने में योगदान देगा।





