
राजनांदगांव।
शहर के इंदिरा नगर–झूलेलाल वार्ड में एक गंभीर मामले ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पूर्व पार्षद एवं एआईसीसी एसटी विभाग के बिहार आब्जर्वर राजेश गुप्ता ‘चंपू’ ने आरोप लगाते हुए बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कथित तौर पर हजार रुपये की रिश्वत लेकर एक हरा-भरा कदम्ब का पेड़ काट दिया।

यह घटना बसंतपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने घटित हुई, जहाँ रविवार 23 नवंबर 2025 को लगभग दोपहर 2 से 3 बजे के बीच बिजली विभाग ने क्षेत्र की सप्लाई बंद की थी। इसी दौरान पूर्व पार्षद का ध्यान घर से कुछ दूरी पर पड़े कटे हुए कदम्ब के पेड़ की ओर गया। उन्होंने बताया कि यह वही पौधा था जिसे पूर्व नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक द्वारा शहर को “ग्रीन सिटी” बनाने के अभियान के तहत रोपा गया था।
राजेश गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा कि वर्षों से बढ़कर विशाल वृक्ष बना यह कदम्ब न सिर्फ क्षेत्रवासियों को छाया देता था, बल्कि यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विश्राम स्थल भी बन गया था। पेड़ के पास ही उन्होंने स्वयं पशुओं के लिए पानी टंकी बनवाई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने कथित रूप से हजार रुपये देकर पेड़ कटवाया, और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यह कहकर नियमों की अनदेखी की कि “जो भी होगा, मैं संभाल लूंगा।”
पूर्व पार्षद ने जताया आक्रोश
राजेश गुप्ता ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा—
“एक तरफ सरकार और प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं—‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अनूठे कार्यक्रम चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी चंद पैसों के लालच में हरे-भरे पेड़ों का विनाश कर रहे हैं। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि पर्यावरण के खिलाफ अपराध है।”
उन्होंने कहा कि कदम्ब का पेड़ पूरी तरह स्वस्थ था और बिजली लाइन में बाधा की बात महज़ रिश्वत के लिए बनाया गया झूठा बहाना था।
पूर्व पार्षद राजेश गुप्ता की प्रमुख मांगें
1 कठोर कार्रवाई संबंधित बिजली विभाग के कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए।
2. पर्यावरण क्षतिपूर्ति काटे गए पेड़ के बदले कम से कम 10 नए पौधे लगाए जाएँ और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3. उच्च स्तरीय जांच समिति मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।
उग्र आंदोलन की चेतावनी राजेश गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर बिजली विभाग कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता है, तो वे क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर जन आंदोलन शुरू करेंगे और उच्च अधिकारियों के समक्ष मामले को उठाएंगे।




