
राजनांदगांव जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन पहले ही दिन सोसाइटी कर्मचारियों की हड़ताल और टोकन वितरण में अव्यवस्था के कारण खरीदी की रफ्तार धीमी रही। जिले के कई उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते केंद्रों पर कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर राजस्व अमले की तैनाती तो की है, लेकिन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी न होने से उन्हें भी कार्य संपादन में मुश्किलें आ रही हैं। कई खरीदी केंद्रों पर किसानों को टोकन नहीं मिल पाए, वहीं कुछ स्थानों पर टोकन तो जारी हुए लेकिन कर्मचारी अनुपस्थित रहे।

कन्हारपुरी सोसाइटी पूरी तरह खाली
कन्हारपुरी सेवा सहकारी समिति मर्यादित में स्थिति सबसे अधिक खराब रही। यहाँ न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही किसी किसान का टोकन जारी किया गया। केंद्र पर केवल मरम्मत के तहत मुरूम डालने का काम चलता दिखाई दिया।

ढाबा सोसाइटी में सीमित खरीदी
मोहारा स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित ढाबा सोसाइटी में प्रभारी मुकेश कुमार की मौजूदगी में कुछ कामकाज हुआ। यहाँ दो किसानों से कुल 152 कट्टा धान की खरीदी की गई।
1.28 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन
इस साल जिले में कुल 1,28,410 किसानों का पंजीयन हुआ है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सभी केंद्रों पर मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसानों को अतिरिक्त परेशानी न उठानी पड़े। खरीदी टोकन के आधार पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की जाएगी।
सरकार सीमित दिनों तक समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीदी कर रही है।
यदि मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।




