
धनतेरस के शुभ अवसर पर बालोद पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 100 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाकर एक अनूठा तोहफा दिया। पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश कुमार पटेल (IPS) के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 460 गुम मोबाइल बरामद किए गए। इनमें से 100 मोबाइल, जिनकी अनुमानित कीमत 15,75,000 रुपये है, 18 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिवनी बालोद में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके मालिकों को सौंपे गए।

साइबर सेल और थानों की सक्रियता
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के निर्देशन और एसडीओपी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर, एसडीओपी श्री राजेश बागडे, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती चित्रा वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्री बोनिफास एक्का, और उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती माया शर्मा के पर्यवेक्षण में साइबर सेल और विभिन्न थाना-चौकी टीमों ने मिलकर यह अभियान चलाया। साइबर सेल ने मोटो, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रियलमी, और इनफिनिक्स जैसे एंड्रॉयड मोबाइल फोनों को ट्रेस कर झारखंड, बिहार, रायपुर, कांकेर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी, और खैरागढ़-छुईखदान-गड़ई जैसे क्षेत्रों से बरामद किया।

सामुदायिक पुलिसिंग का हिस्सा
बालोद पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान के तहत गुम मोबाइलों के लिए प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की। साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य और उनकी टीम ने तकनीकी जांच और समन्वय के जरिए इन मोबाइलों को बरामद किया। इस अभियान में अब तक कुल 460 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए जा चुके हैं।

मोबाइल पाकर मालिकों ने जताई खुशी
अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों ने बालोद पुलिस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। धनतेरस के इस खास मौके पर आयोजित वितरण कार्यक्रम में मोबाइल धारकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, एसडीओपी श्री देवांश सिंह राठौर, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, और साइबर सेल स्टाफ मौजूद रहे।
बालोद पुलिस की प्रतिबद्धता
बालोद पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग और साइबर जागरूकता के माध्यम से न केवल नागरिकों की संपत्ति की रक्षा की, बल्कि उनके विश्वास को भी मजबूत किया। यह अभियान पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।





