
हिंदी दिवस के अवसर पर कुसुमकसा में बाल गणेश उत्सव समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। इस समारोह में मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण 2025 ‘शिक्षा श्री’ से सम्मानित तामसिंग पारकर (व्याख्याता, भौतिक शास्त्र, सेजेस कुसुमकसा), नंदकिशोर पिस्दा (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोडेकसा), और सुरेश कोठारी (शिक्षक, माध्यमिक शाला खलारी) को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि संजय बैस (पूर्व जनपद सदस्य, कुसुमकसा), श्रीमती मंजू बैस (जनपद सदस्य, कुसुमकसा), और विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ी फिल्म कब होही मिलन के निर्माता अनिरुद्ध वाडेनेकर, निर्देशक धर्मेंद्र चौबे, अभिनेता रियाज खान, संगीतकार व गायक इमरान सिद्दीकी ने शिक्षकों को सम्मान पत्र प्रदान किए।

हिंदी भाषा की महत्ता पर विचार
मुख्य अतिथि संजय बैस ने अपने संबोधन में कहा, “हिंदी भाषा हमें एक-दूसरे से जोड़ती है और राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान करती है। इसकी स्पष्टता नवोदित लेखकों को सृजनात्मकता के लिए प्रेरित करती है।” उन्होंने कुसुमकसा का नाम राज्य स्तर पर रोशन करने और विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले शिक्षकों की सराहना की।

अध्यक्षता कर रहे श्री संतोष जैन ने कहा, “हिंदी हमारी जननी भाषा है। यह जन-जन की भाषा और भविष्य की भाषा है।” विशेष अतिथि डॉ. भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जो सृजनात्मकता को बढ़ावा देती है। डॉ. नसीम खान ने कहा, “हिंदी में माँ की ममता, पिता का प्रेम और सभी भावनाओं को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता है। यह जन आंदोलन की भाषा है, जो लोगों को एकता के सूत्र में बांधती है।”
सांस्कृतिक आयोजन
इस अवसर पर बाल गणेश उत्सव समिति, आजाद चौक, कुसुमकसा द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक रिकॉर्डिंग संस्था लोक छत्तीसगढ़ छिंदगांव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चेतराम चुरेंद्र, लखन गिरी गोस्वामी, पुष्पजीत बैस, मोहन दास मानिकपुरी, सुरेंद्र कोठारी, सुगरा बेगम, जयंती नेताम, गजेंद्र कुमार, सूरज कोसरिया, रवि यादव, हेमंत कौशरिया सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।
यह आयोजन हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करने का एक शानदार मंच साबित हुआ।




