
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बालोद जिले में विभिन्न विकासखंडों में ब्लॉक स्तरीय प्रोसेस लैब (बीपीएल) का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में उत्तरदायी शासन और योजना निर्माण को संस्थागत रूप देना तथा अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है।
डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब का आयोजन
बालोद जिले के जिला संसाधन केंद्र, पाकुरभाट में 03 सितंबर से 05 सितंबर 2025 तक डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब (डीपीएल) का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में वन, पंचायत, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, और आदिवासी विकास विभाग के चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों को डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स (डीएमटी) के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इन डीएमटी ने जिले के पांच विकासखंडों से चयनित 35 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स (बीएमटी) और चार गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

ब्लॉक प्रोसेस लैब: तिथियां और विवरण
डीपीएल के समापन के बाद, 09 सितंबर से 12 सितंबर 2025 तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में ब्लॉक प्रोसेस लैब (बीपीएल) का आयोजन किया गया। इस दौरान लगभग 930 प्रतिभागियों को विलेज मास्टर ट्रेनर्स (वीएमटी) के रूप में प्रशिक्षित किया गया। आयोजन का विवरण निम्नलिखित है:
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डौंडी और डौंडी लोहारा: 09 सितंबर से 11 सितंबर 2025 तक, प्रत्येक ग्राम से 5-5 कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों को वीएमटी के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
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बालोद और गुंडरदेही: 10 सितंबर 2025 को बीपीएल का आयोजन।
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गुरुर: 12 सितंबर 2025 को बीपीएल का समापन।

आदि सेवा पर्व: 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025
प्रशिक्षित बीएमटी, वीएमटी, एनजीओ प्रतिनिधि, विलेज वॉलेंटियर्स, और स्थानीय आदिवासी समुदाय जिले के चयनित 186 ग्रामों में 15 और 16 सितंबर को उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके बाद, 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पर्व/सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान निम्नलिखित गतिविधियाँ होंगी:
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आईईसी कैंपेन: स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान।
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ग्राम भ्रमण: विलेज वॉलेंटियर्स, बीएमटी, वीएमटी, और स्थानीय आदिवासी समुदाय द्वारा ग्राम की समस्याओं की जानकारी संग्रह।
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विलेज विजनिंग एक्सरसाइज: ग्राम की जरूरतों पर चर्चा, क्रिटिकल गैप की पहचान, और सहभागी रूप से विलेज एक्शन प्लान तैयार करना, जिसमें युवा और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी होगी।
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विशेष ग्राम सभा: 02 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती के अवसर पर प्रत्येक ग्राम में विलेज एक्शन प्लान पर चर्चा और अनुमोदन। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सभी 6650 ग्रामों को प्रेषित पाती का वाचन। ग्राम सभा के सदस्यों और सहभागियों को ग्राम विकास के लिए आदि शपथ दिलाई जाएगी।
आदि कर्मयोगी अभियान: एक परिचय
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 10 जुलाई 2025 को शुरू किया गया यह अभियान विश्व के सबसे बड़े जनजाति नेतृत्व आंदोलन के रूप में परिकल्पित है। यह कैडर आधारित मॉडल और अंतर-विभागीय अभिसरण पर आधारित है, जो आदिवासी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुँच को सुनिश्चित करने के लिए लक्षित है। यह अभियान छत्तीसगढ़ के 28 जिलों, 128 विकासखंडों, और 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में लागू किया जा रहा है।

स्टेट और रीजनल प्रोसेस लैब
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रीजनल प्रोसेस लैब: देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित, जिसमें छत्तीसगढ़ के सात लाइन विभागों के अधिकारियों को स्टेट मास्टर ट्रेनर्स के रूप में सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया गया।
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स्टेट प्रोसेस लैब: 11 अगस्त से 14 अगस्त और 18 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक रायपुर में दो चरणों में चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित, जिसमें 28 जिलों से चयनित डीएमटी ने भाग लिया।

आदि कर्मयोगी अभियान आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण और ग्राम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सहभागी योजना और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देगा।




