
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सविलियन, ग्रेड पे, 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन 26वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आज हड़ताल को छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ का भौतिक समर्थन प्राप्त हुआ।
सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने एकदिवसीय हड़ताल के माध्यम से बालोद बस स्टैंड में एनएचएम कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाई। महासंघ के जिला अध्यक्ष प्रवीण ठाकुर ने कहा, “कर्मचारियों की जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन की उदासीनता के कारण हमें यह कदम उठाना पड़ा। कोविड-19 के दौरान इन कर्मचारियों ने योद्धा की भूमिका निभाई, फिर भी उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ के तहत 100 दिनों में मांगें पूरी करने का वादा किया था, लेकिन 20 महीनों में 160 से अधिक बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आज रायपुर में जिला अध्यक्षों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक मांगों पर लिखित आदेश प्राप्त नहीं हो जाता। कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
बाइक रैली और ज्ञापन
एनएचएम कर्मचारी संघ और सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने संयुक्त रूप से “वादों की बारात” नाम से बाइक रैली का आयोजन किया, जो बालोद बस स्टैंड से संयुक्त जिला कार्यालय, सिवनी तक निकाली गई। रैली के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को दोहराया और कलेक्टर के माध्यम से राज्य शासन व जिले के सभी विधायकों के नाम ज्ञापन सौंपा।

हड़ताल से प्रभावित सेवाएं
हड़ताल के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी पूर्ण रूप से बंद है, जिसके कारण सीएससी और जिला अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। पोषण पुनर्वास केंद्र, स्कूल और आंगनवाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण, नवजात शिशु देखभाल, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण, और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं ठप हो गई हैं। टीबी उपचार भी प्रभावित हो रहा है।
समर्थन देने वाले संगठन
सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के अंतर्गत जिला पंचायत, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, डीपीआरसी, जनपद गुरुर, जनपद बालोद, जनपद डौंडी, जनपद डौंडी लोहारा, रोजगार सहायक, मनरेगा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने एकदिवसीय हड़ताल में भाग लिया।
उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
हड़ताल में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री खिलेश साहू, उपाध्यक्ष प्रेम, संरक्षक दिनेश खर्कवाल, मीडिया प्रभारी चंदन गिरी, सदस्य विकास कुमार, हेमंत, सरिता, डॉ. इंद्र चंद्राकर, गार्गी, जयश्री नाग, युवराज सिन्हा, झरना, जीतेश्वरी, डॉ. दुष्यंत निर्मलकर, डॉ. नितुनारायण, प्रशांत ठाकुर, खेमलता, अनूप देशपांडे, आरती सिन्हा, डॉ. मनीषा देवांगन, नंदनी, टिकेश्वर, जयप्रकाश देशमुख, राहुल, पोषण, सुनील साहू, दुष्यंत सोनबोइर, नीलम सोनवानी, ईश्वर, सुनील महतो, प्रवीण नायक, योगेश साहू, मनीषा ठाकुर, डॉ. यशवंत वर्मा, लोकेश धुर्वे, रितेश साहू, डॉ. वीणा, डॉ. श्रद्धा, विनोद, देवानंद रात्रे, चंद्रिका, किशोर, हेमंत साहू, छबीली, रविकांत, ईश्वर दास, मनोज साहू, सुनील यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।
सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ से प्रवीण ठाकुर, रीता साहू (जिला पंचायत), अश्लेखा देवांगन, गजानंद साहू (महिला बाल विकास), विजय राजपूत, निधि यादव (डीपीआरसी), चंद्रशेखर सिन्हा (आवास), योगेश देवांगन (गुरुर) सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
आंदोलन की स्थिति
प्रदेशभर में 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।



