
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बालोद जिले में निक्षय मित्र बनाने का प्रयास तेजी से जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उईके के निर्देशानुसार और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. वी. एस. ठाकुर के मार्गदर्शन में यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में निक्को माइंस, गिधाली द्वारा बालोद जिले के 25 उपचाररत टीबी मरीजों को पोषण आहार किट प्रदान की गई। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लिया जाता है और उन्हें न्यूनतम 6 माह के लिए पोषण आहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। पोषण आहार की टोकरी में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दाल, सोयाबीन बड़ी, तेल, गुड़, दलिया, चना, अंडा आदि शामिल होते हैं।
कोई भी आम नागरिक निक्षय मित्र बनकर अपनी इच्छानुसार टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान कर सकता है, जिससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान मिल सके। बालोद जिले में अब तक 709 निक्षय मित्रों द्वारा फूड बास्केट का वितरण किया जा चुका है।
यह पोषण आहार वितरण कार्यक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चिखलाकसा में आयोजित किया गया, जहां हितग्राहियों की काउंसलिंग की गई और टीबी के बचाव व नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गई। कार्यक्रम में टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. पी. एल. मेरिया (प्रभारी, 100 बिस्तर अस्पताल, कोण्डेकसा), डॉ. निधि राम, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा डॉ. सरिता पटेल, श्री राजेंद्र कुमार देवांगन और श्री कौशल राम देवांगन (निक्को माइंस), जिला पीपीएम समन्वयक सायरा खान, ब्लॉक टीबी सुपरवाइजर मानेश कुमार निर्मलकर, सेक्टर सुपरवाइजर रेखु राम साहू, लैब टेक्नीशियन चमेली भूआर्य, टीबी मितान भूपेंद्र ठाकुर, वालंटियर शिवराम रनघाटी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।




