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मंदराजी महोत्सव: नाचा विधा की परंपरा को सहेजने का संकल्प

राजनांदगाव छत्तीसगढ़

कन्हारपुरी में आज भव्य आयोजन

राजनांदगांव। लोककला ‘नाचा विधा’ के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कन्हारपुरी वार्ड क्रमांक 34 में आज 1 अप्रैल को “मंदराजी महोत्सव” का भव्य आयोजन किया जाएगा।

संस्था की स्थापना 1991 में

दाऊ मंदराजी की कर्मभूमि कन्हारपुरी में उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए वर्ष 1991 में “मंदराजी लोक सांस्कृतिक संस्था कन्हारपुरी” की स्थापना की गई थी। यह संकल्प स्व. प्रमोद शर्मा, प्रेमलाल साव, मोतीलाल हिरवानी, चतुरसिंह बजरंग और महादेव हिरवानी सहित वार्डवासियों के सहयोग से लिया गया था।

प्रतिमा अनावरण की परंपरा

संस्था के माध्यम से प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर के सहयोगी स्व. देवीलाल नाग द्वारा दाऊ मंदराजी की प्रतिमा का अनावरण किया गया था। तभी से हर वर्ष 1 अप्रैल को इस महोत्सव का आयोजन लगातार किया जा रहा है।

पुरखों को श्रद्धांजलि

महोत्सव के दौरान ‘पुरखा के सुरता’ को जीवंत रखते हुए स्व. दाऊ टहलसिंह बजरंग, स्व. दुलारसिंह (खोरबाहरा निर्मलकर), खुमानलाल साव और स्व. देवीलाल नाग को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां खास

इस वर्ष महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध गायिका रजनी रजक (ढोला मारू), रंगरसिया जोड़ीदार नाच पार्टी लखनपुरी चारामा, वैष्णवी रंगारी लखोली, कायाखण्डी चिकारा भजन सुरगी और माँ सरस्वती भजन मंडली कन्हारपुरी द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास

संस्था द्वारा लोककला की इस समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जानकारी दी

यह जानकारी संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र बजरंग ने दी

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