
बालोद। योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में बालोद पुलिस ने ग्राम देवीनवागांव तांदुला किनारे हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में मृतका के पति को ही हत्या का आरोपी पाया गया है।
23 फरवरी को मिला था शव
23 फरवरी 2026 को ग्राम देवीनवागांव तांदुला नदी किनारे एक महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम, साइबर सेल और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हुआ, जिसके बाद थाना बालोद में मर्ग क्रमांक 16/2026 एवं अपराध क्रमांक 88/2026 धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
कई दिनों तक चला जांच अभियान
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण और एसडीओपी बोनीफास एक्का के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई गांव में कई दिनों तक कैम्प लगाकर हर पहलू पर बारीकी से जांच की गई। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए।
मृतका की पहचान और पारिवारिक स्थिति
शव की पहचान सवित्री निषाद निवासी देवीनवागांव के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि मृतका पिछले कुछ वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और अक्सर बिना बताए मायके चली जाती थी। घटना से एक-दो दिन पहले ही वह ससुराल लौटी थी।
पति पर गहराया शक
जांच के दौरान मृतका के पति धमेंन्द्र निषाद पर शक गहराया। प्रारंभिक पूछताछ में वह गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
गुस्से में की हत्या
आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन घरेलू विवाद के कारण वह आक्रोश में था। पत्नी घर का काम नहीं कर रही थी और बच्चों को बिना भोजन के स्कूल जाना पड़ा। पत्नी के घर से बाहर जाने पर वह तांदुला नदी किनारे पहुंचा, जहां गुस्से में आकर उसने पुरानी साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में लोगों को भ्रमित करने के लिए स्कार्फ से शव को ढक दिया।
आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी धमेंन्द्र निषाद (41 वर्ष), निवासी ग्राम देवीनवागांव, थाना बालोद, जिला बालोद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इनका रहा विशेष योगदान
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी सउनि धरम भुआर्य सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों का विशेष योगदान रहा।




