
निषाद समाज के वार्षिक अधिवेशन में बोले मंत्री, बच्चों को उच्च शिक्षा और नशामुक्ति का दिया संदेश
केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। बिना शिक्षा के किसी भी व्यक्ति या समाज के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

डॉ. चौधरी बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम नर्मदाधाम सुरसुली में आयोजित निषाद (केंवट) समाज के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने नवोदित पीढ़ी को उच्च शिक्षित बनाने और नशापान से दूर रहने की समझाइश दी। साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद भी दिया।
शिक्षा का महत्व बताया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा “शेरनी के दूध” के समान है, जो इसे ग्रहण करेगा, वह जरूर आगे बढ़ेगा। उन्होंने नशापान को समाज के पतन का मुख्य कारण बताते हुए समाज को नशामुक्त बनाने की अपील की।
निषाद समाज की विरासत पर डाला प्रकाश
डॉ. चौधरी ने निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम को नदी पार कराने का सौभाग्य इसी समाज को मिला। इसके अलावा देश के कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निर्माणों में भी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सरकार के प्रयासों की सराहना
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निषाद समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में रहे ये अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक एवं निषाद समाज के प्रदेशाध्यक्ष कुंवर सिंह निषाद ने की।
विशेष अतिथियों में विधायक संगीता सिन्हा, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नोहरू राम निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के प्रतिभावान लोगों को सम्मानित किया गया।
साथ ही केंद्रीय मंत्री ने नेत्रहीन बालिका भावना निषाद को हारमोनियम भेंट कर उनकी कला की सराहना की।




