E-Paperछत्तीसगढ़दुनियादेश

घुमका शराब दुकान मामला: राज्यपाल कार्यालय की भी अवमानना का आरोप

राजनांदगाव छत्तीसगढ़

कांग्रेस का बड़ा आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने घुमका में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यपाल कार्यालय की भी अवमानना का रूप ले चुका है।

पत्राचार पर उठे सवाल

दुबे ने बताया कि गौरव ग्राम के नाम पर बंद घुमका में शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया को लेकर 19 नवम्बर 2025 को राज्यपाल के नाम जिला कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। आरोप है कि जिला प्रशासन ने इस पत्र को राजभवन भेजने के बजाय खुद ही जांच कर ली, जो नियमों के विपरीत है।

राजभवन के निर्देश अधूरे

उन्होंने कहा कि 1 मार्च 2025 को राज्यपाल को प्रमाणित दस्तावेजों के साथ शिकायत की गई थी। इसके बाद राजभवन द्वारा 12 मई 2025 को सचिव वाणिज्यकर विभाग/आबकारी आयुक्त रायपुर और 16 जुलाई 2025 को सचिव जनशिकायत निवारण विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

10 करोड़ फर्जीवाड़े का आरोप

प्रवक्ता दुबे ने आरोप लगाया कि जिले में 10 करोड़ रुपये के चेक बाउंस और वित्तीय गड़बड़ी के मामले में भी प्रशासन आरोपियों को बचाने में लगा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पीड़ित जनता को उनके हक से वंचित किया जा रहा है।

नियमों के खिलाफ निर्णय

दुबे ने यह भी कहा कि गौठान और महिला स्वसहायता समूहों के लिए बने प्रशिक्षण भवन की वास्तविकता छिपाकर उसे वार्ड क्रमांक 15 का शासकीय भवन दर्शाया जा रहा है। साथ ही, नगर पंचायत के नीतिगत निर्णय के विपरीत सीएमओ द्वारा कथित रूप से गुमराह करने वाली एनओसी जारी की गई।

जनहित से खिलवाड़ का आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महज कुछ लोगों के दबाव में प्रशासन शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रहा है, जो जनहित के खिलाफ है। दुबे ने कहा कि यह पूरा मामला प्रशासनिक साजिश और नियमों की अनदेखी का उदाहरण है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!