
योजना का बदला स्वरूप
राज्य सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी योजना किए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इसके सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगे हैं। काम के दिनों में बढ़ोतरी, मजदूरी दर में इजाफा और रोजगार की बेहतर उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
भाजपा का समर्थन
भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री तरनदीप सिंह अरोरा ने योजना को पूर्व की व्यवस्था से अधिक प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि योजना के स्वरूप और लाभ को भी सशक्त किया गया है।
25 दिन अतिरिक्त रोजगार
अरोरा के अनुसार अब ग्रामीण कार्डधारी मजदूरों को वर्ष में 25 दिन अतिरिक्त काम देने का प्रावधान किया गया है। इससे उनकी वार्षिक आय में सीधा इजाफा होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मजदूरी दर में बढ़ोतरी
उन्होंने बताया कि मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जिससे बढ़ती महंगाई के दौर में गरीब और मेहनतकश वर्ग को राहत मिली है।
पलायन में कमी का दावा
भाजपा नेता ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने से मजदूरों का पलायन रुकने लगा है और स्थानीय स्तर पर ही आजीविका के साधन उपलब्ध हो रहे हैं।
कांग्रेस पर निशाना
अरोरा ने कहा कि योजना का विरोध कर कांग्रेस अपना “मजदूर विरोधी चेहरा” उजागर कर रही है। उन्होंने इसे केंद्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व और भाजपा शासित राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वीबी जी राम जी योजना के माध्यम से और नवाचार किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य साकार होगा।




