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साय सरकार का तीसरा बजट आंकड़ों की बाजीगरी : अभिमन्यु मिश्रा

रायपुर छत्तीसगढ़

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट अभिमन्यु उदय मिश्रा ने राज्य सरकार के तीसरे बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आंकड़ों की बाजीगरी” करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल रहा है।

नियमितीकरण पर चुप्पी

अभिमन्यु ने कहा कि अनियमित और संविदा कर्मचारियों से 100 दिन में नियमितीकरण का वादा किया गया था, लेकिन तीसरे बजट में भी इस पर कोई ठोस प्रावधान नहीं है। रसोइया संघ दो माह से हड़ताल पर है और अनशन के दौरान दो महिलाओं की मृत्यु के बावजूद सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।

किसानों को MSP का लाभ नहीं

उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बढ़ी हुई MSP का लाभ देने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। सिंचाई बजट 3800 करोड़ से घटाकर 3500 करोड़ कर दिया गया है। पिछले दो वर्षों में सिंचाई रकबा 2.5% घटा है और इस वर्ष केवल 68 किलोमीटर नहर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

आयुष्मान भुगतान लंबित

आयुष्मान योजना में 1700 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान लंबित होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि एक वर्ष के लिए 3000 करोड़ से अधिक की आवश्यकता है, जबकि बजट में केवल 1500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सड़क और मेट्रो पर सवाल

सड़कों के लिए 9450 करोड़ रुपये का प्रावधान अपर्याप्त बताया गया। मेट्रो परियोजना की घोषणा के एक वर्ष बाद भी केवल सर्वे की बात हो रही है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट विकास के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान भी अव्यावहारिक बताया गया।

शिक्षा व्यवस्था प्रभावित

उन्होंने कहा कि 10463 स्कूलों को युक्तियुक्तकरण के नाम पर बंद किया गया है। 65 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। छात्रवृत्ति, साइकिल और गणवेश योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

पर्यटन परियोजनाएं उपेक्षित

पर्यटन और संस्कृति के लिए केवल 5 शक्तिपीठों हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम वन गमन पथ जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कोई बजट प्रावधान नहीं रखा गया।

घटती आय और बढ़ती असमानता

प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक असमानता बढ़ रही है। कृषि की हिस्सेदारी कुल अर्थव्यवस्था में घटकर 20.64% रह गई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

उद्योग बनाम कृषि

अभिमन्यु मिश्रा ने कहा कि उद्योग के नाम पर जंगलों की कटाई और खनिज संसाधनों के दोहन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि कृषि, वनोपज प्रसंस्करण और लघु उद्योगों के लिए स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

योजनाएं बंद, वादे अधूरे

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की गोठान और भूमिहीन कृषि श्रमिक न्याय योजना जैसी योजनाएं ठप हो गई हैं। 65 हजार रिक्त पदों पर भर्ती का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।

संघर्ष जारी रहेगा

अंत में अभिमन्यु उदय मिश्रा ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की संभावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। कांग्रेस पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

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