
नीलू शर्मा की प्रतिक्रिया
राजनांदगांव। विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का ‘संकल्प’ थीम पर आधारित बजट पेश किए जाने पर पर्यटन मंडल अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नीलू शर्मा ने इसे “विकसित भारत का रोडमैप” बताया है।
विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न साय और मोदी की सोच
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप यह बजट प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।
पर्यटन पर खास फोकस धार्मिक व ईको टूरिज्म को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि शक्तिपीठ भ्रमण योजना, शक्तिपीठ सर्किट, राजिम में कांस्य प्रतिमा, सिरपुर विकास के लिए 36 करोड़, फिक्की के साथ 500 करोड़ के एमओयू के तहत ईको टूरिज्म और मैनपाट-जशपुर में पर्यटन स्थलों के विकास से प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
नीलू शर्मा ने कहा कि इससे सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उद्योग को नई रफ्तार बजट तीन गुना बढ़ा
राजनांदगांव और नवा रायपुर में इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 775 करोड़ करना सरकार की औद्योगिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महिला सशक्तिकरण सुरक्षा और सम्मान
18 वर्ष पूर्ण करने पर बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपए देने की घोषणा और 250 महतारी सदन निर्माण के लिए 75 करोड़ का प्रावधान महिलाओं के लिए बड़ा कदम बताया गया।
युवा और खेल स्टार्टअप व मिशन योजना
मुख्यमंत्री स्टार्टअप, निपुण मिशन और मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन से युवाओं को रोजगार और खेलों में नई संभावनाएं मिलेंगी।
किसान हित में प्रावधान 10 हजार करोड़ योजना
कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ और कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ब्याज मुक्त कर्ज और कृषि अधोसंरचना योजनाओं से किसानों की आय बढ़ेगी।
शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर 22 हजार करोड़ शिक्षा को
स्कूल शिक्षा विभाग को 22 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़-जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी और युवा दर्शन योजना से शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम जनता को राहत मिलेगी।
मिशन 2047 की दिशा विकसित भारत का लक्ष्य
नीलू शर्मा ने बजट को पर्यटन, उद्योग, महिला, युवा और किसान हितैषी बताते हुए कहा कि यह मिशन 2047 के तहत छत्तीसगढ़ को विकसित भारत का हिस्सा बनाने की दिशा में ठोस कदम है।




