
1.72 लाख करोड़ का बजट पेश
छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा में 1.72 लाख करोड़ रुपये का तीसरा बजट पेश किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने इसे जनता को भ्रमित करने वाला बजट बताया।
छोटे व्यापारी-मध्यम वर्ग दबाव में
कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में हैं, लेकिन बजट में उन्हें राहत देने के लिए कोई प्रभावी रोडमैप नजर नहीं आता। बेरोजगारी पर भी ठोस फोकस नहीं किया गया है।
किसान फिर निराश
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का रकबा और उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। लागत और लाभ के अंतर से किसान जूझ रहे हैं, ऐसे समय में बजट से ठोस राहत की अपेक्षा थी, जो पूरी नहीं हुई।
जिले की अनदेखी
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनांदगांव जिला कृषि, शिक्षा और व्यापार का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यहां सिंचाई, ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और स्थानीय उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।
रेल विस्तार पर सवाल
उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक का विस्तार केवल खनिज संसाधनों के दोहन के लिए किया जा रहा है, जबकि यात्री ट्रेनों के स्टॉपेज की अनदेखी की जा रही है।
मोदी की गारंटी पर चुप्पी
कुलबीर सिंह छाबड़ा ने आरोप लगाया कि बजट में “मोदी की गारंटी” का कोई उल्लेख नहीं है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं को केंद्र में रखने में सरकार असफल रही है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जनता को तरसना पड़ा है। युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए भी कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती।
‘विनाश का बजट’
कुल मिलाकर कांग्रेस ने इस बजट को प्रदेश के लिए “विनाश और दुर्गति वाला बजट” करार दिया है।




