
राजनांदगांव।
चक्का जाम से बढ़ा दबाव
फुलझर क्षेत्र में संचालित औद्योगिक कंपनी न्यू लुक बायो फ्यूल के खिलाफ आसपास के ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। घंटों तक चक्का जाम कर ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और कंपनी के संचालन पर रोक लगाने की मांग उठाई।
ज्ञापन सौंपा
ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कंपनी की कार्यप्रणाली की जांच कराने और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
सड़क पर खड़े भारी वाहन
शहर अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने आरोप लगाया कि कंपनी परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। भारी वाहन सड़कों पर खड़े रहने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदूषण से स्वास्थ्य प्रभावित
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी ने कहा कि कंपनी से निकलने वाले प्रदूषण का असर आसपास के लगभग 10 गांवों के बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। तालाब और जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं, जिससे पेयजल संकट गहराने की आशंका है। खेतों की फसल प्रभावित होने, पेड़ों के सूखने और जमीन की उर्वरता घटने का भी आरोप लगाया गया।
जन-सुनवाई पर सवाल
निखिल द्विवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी का संचालन बिना समुचित जन-सुनवाई के शुरू किया गया तथा पंचायत स्तर की आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। साथ ही सीएसआर मद से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात भी कही गई।
संयुक्त जांच की मांग
जिला पंचायत सदस्य अग्रेश्वर देशमुख ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण से समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से संयुक्त जांच दल बनाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पीडब्ल्यूडी की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विभाग को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रदर्शन में जनपद सदस्य मोहनीश धनकर, सोनू धनकर, शुभम पांडे, सरपंच पूर्णिमा शिवहरे, रमाकांत साहू, कमल साहू, चुनेश्वर साहू, शंकर देश लहरे, टिंकू साहू, चंद्रशेखर मालेकर, देवचंद, राधेश्याम साहू, धर्मेंद्र साहू, पूर्व पार्षद शरद पटेल, उमेश देशमुख, राकेश निर्मलकर, शैलेश साहू, सुभाष द्विवेदी, देवलाल साहू सहित फुलझर, बैगाटोला, मगरलोटा, इंदावनी, बिरेंझर, नवागांव और मुढ़ीपार के सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर प्रदूषण पर रोक लगाने और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग दोहराई है।




