
48 घंटे में पुलिस की बड़ी सफलता
राजनांदगांव। थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा लिया है। ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने मृतका के पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बगीचे में मिली थी लाश पत्थर से सिर कुचलकर हत्या
22 फरवरी 2026 को ग्राम भैंसरा के बाबा आम बगीचा में नदी किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिला था। महिला के सिर को पत्थर से कुचलकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी। सूचना पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 92/2026 धारा 103(1), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस टीम गठित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई अनुविभागीय पुलिस अधिकारी केशरी नंदन नायक एवं साइबर सेल उप पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो ने मौके पर पहुंचकर जांच की निगरानी की।
थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल एवं साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
मृतका की पहचान रविदास नगर की निवासी
पुलिस जांच के दौरान मृतका की पहचान पूर्णिमा नेताम (35 वर्ष) पति सुनील वंजारी, निवासी रविदास नगर राजनांदगांव के रूप में हुई।
पति ही निकला मास्टरमाइंड चरित्र संदेह बना हत्या की वजह
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस को मृतका के पति सुनील वंजारी पर संदेह हुआ। घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद था और वह घर से फरार था। लगातार सर्च अभियान के बाद उसे डोंगरगांव से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथी ज्योतिष सिंह नेताम के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया।
आरोपी ने बताया कि 21 फरवरी की शाम पत्नी को बाबा आम बगीचा ले जाकर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या की। वारदात के बाद खून से सने कपड़े नष्ट करने के लिए नीलकंठ साहू को दिए गए।
तीन आरोपी गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर भेजे जाएंगे
पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील वंजारी, सह-आरोपी ज्योतिष सिंह नेताम और साक्ष्य छुपाने में सहयोगी नीलकंठ साहू को 24 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर रिमांड पर भेजा जा रहा है।
टीम को सराहना संयुक्त प्रयास से सफलता
इस कार्रवाई में थाना डोंगरगढ़ एवं साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना की है।




