
“घोषणाओं का बजट”
राजनांदगांव। कांग्रेस प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी ने साय सरकार के हालिया बजट को जनअपेक्षाओं से कटा हुआ बताया है। उन्होंने कहा कि लगभग पौने दो घंटे के बजट भाषण में बड़े आंकड़े और घोषणाएं जरूर गिनाई गईं, लेकिन धरातल पर ठोस विज़न नजर नहीं आया।
युवा-किसान पर फोकस नहीं स्पष्ट रोडमैप का अभाव
अजमानी ने कहा कि युवाओं, महिलाओं, कृषक वर्ग और आम जनता के लिए कोई समयबद्ध कार्ययोजना सामने नहीं आई। शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर ठोस कदमों की कमी दिखाई देती है।
धान खरीदी पर चिंता अन्नदाता में निराशा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती का रकबा और उत्पादन बढ़ने के बावजूद धान खरीदी में कमी से किसानों में निराशा है। रोजगार के नाम पर घोषणाएं की गई हैं, जबकि लाखों युवा नौकरी की प्रतीक्षा में हैं।
शिक्षा-स्वास्थ्य पर सवालसुविधाओं को लेकर अस्पष्टता
अजमानी ने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और अस्पतालों में सुविधाएं मजबूत करने जैसे अहम विषयों पर स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।
महंगाई से राहत नहीं प्रचार पर ज्यादा जोर
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय सरकार ने प्रचार पर अधिक ध्यान दिया है। मजदूर, महिलाओं और मध्यम वर्ग को अपेक्षित राहत नहीं मिली।
जवाबदेही की मांग कांग्रेस उठाएगी आवाज
अंत में विशु अजमानी ने कहा कि जनता अब केवल कागजी घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी और प्रदेश को धरातल पर ठोस परिणाम चाहिए। कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करती रहेगी।



