
भिलाई, 20 जनवरी 2026।
श्री शांकराचार्य टेक्निकल कैंपस भिलाई के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “यूएवी नेविगेशन, कंट्रोल और उसके अनुप्रयोग” विषय पर पांच दिवसीय मेगा बूटकैंप का सफल आयोजन किया गया। यह बूटकैंप 13 से 17 फरवरी तक आयोजित हुआ, जिसमें कुल 450 विद्यार्थियों ने पंजीयन कर सक्रिय सहभागिता की।
आईआईटी भिलाई का सहयोग
कार्यक्रम का आयोजन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी भिलाई के सहयोग से किया गया। इसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा “मानव संसाधन विकास हेतु मानव रहित विमान प्रणाली क्षमता निर्माण” परियोजना के अंतर्गत प्रायोजित किया गया।
सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण
पांच दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के विद्यार्थियों को मानव रहित विमान (यूएवी) के मूल सिद्धांत, वायुगतिकी, उड़ान यांत्रिकी, नेविगेशन एवं नियंत्रण प्रणाली का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रायोगिक सत्रों में ड्रोन के घटकों की पहचान, वायरिंग, हार्डवेयर एकीकरण, फ्लाइट कंट्रोलर, इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कंट्रोलर और टेलीमेट्री प्रणाली पर कार्य कराया गया।
लाइव ड्रोन उड़ान सत्र
ड्रोन संयोजन के बाद प्रत्यक्ष उड़ान प्रदर्शन और संचालन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। विशेष तकनीकी दक्षता दिखाने वाले विद्यार्थियों के लिए लाइव ड्रोन फ्लाइट सत्र आयोजित हुआ, जिसमें उन्नत नियंत्रण तंत्र के माध्यम से यूएवी संचालन कराया गया।
उन्नत मॉड्यूल शामिल
बूटकैंप में स्वचालित सौर पैनल सफाई प्रणाली, जल-आधारित ड्रोन नेविगेशन, गैस स्रोत पहचान में मशीन लर्निंग का उपयोग तथा यूएवी पथ नियोजन जैसे उन्नत विषयों पर भी विशेष मॉड्यूल संचालित किए गए।
विशेषज्ञों का योगदान
कार्यक्रम के सफल संचालन में आईआईटी भिलाई के एएससीआईआई लैब से जुड़े डॉ. चिरंजीब घोष का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके साथ डॉ. अविषेक अधिकारी, डॉ. सौमजीत प्रमाणिक, श्री सारांश चौरे, श्री देबजीत सरकार और श्री दिबाकर रॉय सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रबंधन का मार्गदर्शन
यह आयोजन श्री आई.पी. मिश्रा, अध्यक्ष, श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी एवं कुलाधिपति, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी तथा डॉ. जया मिश्रा, अध्यक्ष, श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ कुलाधिपति ने कहा कि ड्रोन एवं स्वायत्त प्रणालियां भविष्य की तकनीकी दिशा निर्धारित कर रही हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवहारिक कौशल और अनुसंधान की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
डॉ. जया मिश्रा ने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों में विशेषज्ञता प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
विभाग की अहम भूमिका
संस्थान के निदेशक डॉ. पी.बी. देशमुख ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीएसई विभागाध्यक्ष डॉ. अभा चौबे, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सिद्धार्थ चौबे, डॉ. समता गजबिये सहित विभाग के सभी संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
उत्साहपूर्ण समापन
450 विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ बूटकैंप का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। यह कार्यक्रम क्षेत्र में यूएवी तकनीक पर आयोजित प्रमुख शैक्षणिक पहलों में से एक सिद्ध हुआ, जिसने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता भी प्रदान की।




