
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में दुर्ग संभाग के शिक्षकों को बनाया गया मास्टर ट्रेनर
बालोद। राज्य बाल संरक्षण समिति छत्तीसगढ़, संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग अटल नगर नवा रायपुर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय बाल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 29 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक ठाकुर प्यारे लाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा, रायपुर में किया गया। इस प्रशिक्षण में दुर्ग संभाग के सभी विकासखंडों से चयनित प्रशिक्षकों ने सहभागिता निभाई।
समाज में बाल संरक्षण के नियमों, बच्चों के अधिकारों तथा उनके सर्वांगीण विकास की समझ विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड से दो शिक्षकों का चयन मास्टर ट्रेनर के रूप में किया गया। बालोद जिले से भगवती सिन्हा, मनीष देशमुख, मनीष वैदे, अजय वर्मा, सुमन देवांगन, लता साहू, पूर्णिमा बघेल, मोना रावत, तुकाराम साहू एवं गोकुल यादव ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
🔹 बाल अधिकारों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
प्रशिक्षण के दौरान पेरेंटिंग एक्सपर्ट चिरंजीव जैन ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालयों एवं परिवारों में संवेदनशील वातावरण विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चे को भयमुक्त, सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
🔹 विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में SCERT की रीता मंडल, स्टेट कोऑर्डिनेटर विपिन ठाकुर, मनीष सिन्हा एवं स्नेहिल राठौर ने बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बचपन की छोटी-छोटी घटनाएं भी बच्चों के मनोविज्ञान पर गहरा प्रभाव डालती हैं। प्रशिक्षण में बाल मनोविज्ञान, संवेदनशीलता तथा विभिन्न हितधारकों की भूमिका पर चर्चा की गई।
🔹 जागरूकता ही सुरक्षा की कुंजी
विशेषज्ञों ने कहा कि समाज में बच्चों के प्रति होने वाले शोषण को रोकने के लिए उनके अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षकों ने भी सहमति जताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं शोषण रोकथाम को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण के पश्चात मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विद्यालयों एवं समुदायों में बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सकारात्मक पालन-पोषण को लेकर लोगों को मार्गदर्शन देंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे।




