
बालोद।
डौंडी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम रजही में आयोजित मानसगान प्रतियोगिता का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुए।
भक्तिमय माहौल में हुआ मानसगान प्रतियोगिता का आयोजन
ग्राम रजही में आयोजित इस मानसगान प्रतियोगिता में दूर-दराज से पहुंची मानस मंडलियों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। कलाकारों की सुमधुर वाणी और भावपूर्ण गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय बैस (पूर्व जनपद सदस्य), गौतम राणा (सरपंच रजही), कमलकांत साहू, पुष्पजीत बैस, देवल सिंह पटेल, संतोष जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ग्रामीणों के बीच भावुक हुए पुष्पेंद्र चंद्राकर
समारोह को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र चंद्राकर भावुक नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ अपनी पुरानी स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा—
“इस वनांचल क्षेत्र की माटी से मेरा गहरा नाता है। मेरा बचपन इन्हीं गांव-गलियों में बीता है। आज यहां आकर जो आत्मीयता और अपनापन मिला है, वह अविस्मरणीय है। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे अपने परिवार के बीच लौट आया हूँ।”
श्रीराम के आदर्श और रामराज्य की संकल्पना पर दिया संदेश
धार्मिक मंच से उन्होंने प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान राम का जीवन अंत्योदय, सुशासन और मर्यादा का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
विकसित भारत के संकल्प से जोड़ी रामराज्य की अवधारणा
पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि रामराज्य की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से सरकार योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि “वीबी जी राम जी योजना” केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि सेवा का एक अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।
राम मंदिर निर्माण से सशक्त हो रही सांस्कृतिक विरासत
उन्होंने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में भौतिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी संजोया जा रहा है। वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार सरकार की प्राथमिकता है।
मानस कलाकारों की सराहना, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मानस मंडलियों के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और श्रीराम के आदर्शों की सीख मिलती है। उनके आगमन पर ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु, मानस समिति के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।




