बसंत पंचमी पर ग्राम दामाखेड़ा में ऐतिहासिक चादर तिलक समारोह का भव्य आयोजन प्रकाशमुनि नाम साहेब जी के सुपुत्र उदितमुनि नाम साहेब जी का हुआ चादर तिलक संस्कार
दामाखेड़ा (छत्तीसगढ़)

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ग्राम दामाखेड़ा में दिनांक 23 जनवरी, शुक्रवार को एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक चादर तिलक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर प्रकाशमुनि नाम साहेब जी के सुपुत्र उदितमुनि नाम साहेब जी का चादर तिलक संस्कार परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर इसे ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
परंपरागत रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ चादर तिलक
चादर तिलक समारोह संत-समाज की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार एवं परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मंच पर संत-महात्माओं एवं वरिष्ठ अनुयायियों कीगरिमामयी मौजूदगी ने समारोह की पवित्रता और भव्यता को और बढ़ा दिया।
विशाल पंडाल में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल का निर्माण किया गया था, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं की अनुशासित उपस्थिति आयोजन की दिव्यता और लोकप्रियता का प्रत्यक्ष प्रमाण बनी। पूरा परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर नजर आया।

संत-समाज और श्रद्धालुओं के संगम ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
समारोह में संत समाज, वरिष्ठ अनुयायी, महिलाएं, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सफेद वस्त्रों में श्रद्धालुओं की एकरूपता एवं अनुशासन आयोजन की विशेष पहचान बनी, जिसने आध्यात्मिक वातावरण को और सुदृढ़ किया।

संतों ने दिया सत्य, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश
चादर तिलक समारोह के दौरान संत-महात्माओं ने अपने उद्बोधन में सत्य, सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन के रूप में दर्ज हुआ समारोह
बसंत पंचमी पर आयोजित यह चादर तिलक समारोह धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक साबित हुआ। भव्य व्यवस्थाएं, विशाल जनभागीदारी और अनुशासित आयोजन ने इसे एक स्मरणीय एवं प्रेरणादायी महाआयोजन के रूप में स्थापित कर दिया।




