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स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले में श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस ने रचा इतिहास राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान, 1.50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीतकर बढ़ाया भिलाई का गौरव

भिलाई छत्तीसगढ़

भिलाई।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 (आठवाँ संस्करण) के ग्रैंड फिनाले में भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। संस्थान की टीम ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर 1,50,000 रुपये का नकद पुरस्कार अपने नाम किया।

यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्रीय तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार क्षमता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का भी सशक्त प्रमाण है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन देश का सबसे बड़ा नवाचार मंच माना जाता है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक सामाजिक, प्रशासनिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु तकनीकी नवाचार विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।

सामाजिक न्याय से जुड़ी समस्या का प्रभावी समाधान प्रतियोगिता के दौरान श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस की टीम ने मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट द्वारा प्रदत्त समस्या-विषय पर आधारित समाधान प्रस्तुत किया। टीम का प्रोजेक्ट डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने पर केंद्रित था।

टीम द्वारा विकसित तकनीकी मॉडल योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक समय पर पहुँचाने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा संसाधनों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

विजयी टीम के सदस्य इस विजयी टीम में बीटेक डेटा साइंस (5वाँ सेमेस्टर) के छात्र शामिल थे—रियान सिंह (टीम लीडर) हर्षवर्धन सिंह आलोक गुप्ता सुहानी कुमारी प्रीति पांडे अक्षय गौरहा विष्णु कुमार ठाकुर टीम को परियोजना के तकनीकी एवं वैचारिक विकास में डॉ. सोनू अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग का सतत मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनके अनुभव और परामर्श से समाधान को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया।

संस्थान प्रबंधन ने दी बधाई श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं श्री शंकराचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस के चेयरमैन आई. पी. मिश्रा ने इस उपलब्धि को संस्थान की नवाचार-केंद्रित शिक्षण परंपरा का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि संस्था विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि व्यावहारिक, रचनात्मक और समाजोपयोगी सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।

श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी की प्रेसिडेंट डॉ. जया मिश्रा ने इसे विद्यार्थियों की अथक मेहनत और शिक्षकों के प्रभावी मार्गदर्शन का संयुक्त परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत का युवा वर्ग सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक है और तकनीक के माध्यम से उनके समाधान खोजने में पूरी तरह सक्षम है।

वहीं टेक्निकल कैंपस के निदेशक डॉ. पी. बी. देशमुख ने कहा कि यह सफलता उस शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाती है, जिसमें नवाचार, अनुसंधान और समस्या-समाधान को शिक्षा का केंद्रबिंदु बनाया गया है।

छात्रों ने जताया आभार टीम के सदस्यों ने अपनी सफलता का श्रेय संस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक प्रयोगशालाओं, उन्नत तकनीकी संसाधनों और निरंतर प्रोत्साहन को दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे मंच उन्हें तकनीकी कौशल के साथ-साथ टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, समय-प्रबंधन और समस्या-समाधान जैसे जीवनोपयोगी गुणों को भी सुदृढ़ करते हैं।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर संस्थान के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

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