
राजनांदगांव
“हे भारत के विद्यार्थियों, तुम बनो जगत में इतने महान, कि गौरव देख तुम्हारा, तुमको दुनिया करे प्रणाम।”
इसी प्रेरणादायक संदेश के साथ विद्यार्थियों के उन्नत एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से बाल संस्कार विभाग, श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा देशभर में “विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर” का आयोजन पिछले कई दशकों से किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों का जीवन पतन से उन्नति की ओर अग्रसर हुआ है।
शीतकालीन अवकाश में विशेष आयोजन
बाल संस्कार विभाग राजनांदगांव के प्रमुख संजय साहू ने बताया कि प्रतिवर्ष शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न स्थानों पर उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर आयोजित किए जाते हैं।
इस वर्ष सेवाधारियों के उत्साह एवं अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 17 से 31 दिसंबर तक 117 गांवों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
जिले के इन क्षेत्रों में हो रहा आयोजन
राजनांदगांव जिले के साथ-साथ डोंगरगढ़, डोंगरगांव, मोहला, मानपुर, चौकी, छुरिया, खैरागढ़, गंडई एवं अतरिया क्षेत्र के गांवों व आदिवासी अंचलों में यह शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों में सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी भाग लेकर सद्गुण, अनुशासन और शिष्टाचार के माध्यम से अपने जीवन को उन्नत बना रहे हैं।
शिविर पूर्णतः निःशुल्क, गतिविधियों से बढ़ रहा आत्मविश्वास
यह शिविर पूर्णतः निःशुल्क है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी वक्तव्य प्रतियोगिता त्राटक क्रिया जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाता है
योग, संस्कार और जीवन कौशल की दी जा रही शिक्षा
श्री योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष रोहित चन्द्राकर एवं कोषाध्यक्ष टी.के. चन्द्राकर ने बताया कि शिविर में बच्चों को—
योग, प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान और उनका महत्व शिक्षाप्रद कहानियां 
परीक्षा में सफलता के उपयोगी टिप्स बुद्धि, मेधा व स्मरण शक्ति बढ़ाने के प्रयोग उचित खान-पान व्यसन से होने वाले दुष्परिणाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा 
संस्कारों से मजबूत राष्ट्र निर्माण का संदेश
विद्यार्थी देश के भावी कर्णधार हैं। जिस प्रकार एक पौधे को समय-समय पर जल, खाद और देखभाल से पोषित किया जाता है, उसी प्रकार बचपन में अच्छे संस्कार देने से बच्चे आगे चलकर देश और समाज की नींव को मजबूत करते हैं तथा एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं।
60 वर्षों से संस्कारों की अलख जगा रहे हैं संत श्री आशारामजी बापू
पूज्य संत श्री आशारामजी बापू पिछले 60 वर्षों से निरंतर बच्चों को संस्कारों का मार्गदर्शन देते आ रहे हैं। आज भी देशभर में हजारों की संख्या में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे समाज को सकारात्मक दिशा मिल रही है।
सेवाधारियों के सहयोग से सफल आयोजन
शिविर के सफल आयोजन में बाल संस्कार केंद्र के सेवाधारी दिलीप साहू, दलेश्वर साहू, ओपी साहू, नोहर जंघेल, चिरंजय साहू, नम्मू साहू, खिलेस्वरी साहू, कोमल सिंह गुरु, पुसउ राम, रूपेश यादव, तुलसी राम पाल, भोजेश्वर साहू, तृप्ति वैष्णव, संगीता साहू, उमाशंकर कुंवर सहित समस्त क्षेत्रीय समिति प्रमुखों का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।




