
राजनांदगांव।
राजनांदगांव में 22 वर्ष बाद एक बार फिर एसआईआर (स्पेशल इंटरनेशनल रजिस्ट्रेशन) / स्पेशल सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही शहर में मतदाता सूची को अद्यतन करने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम के वरिष्ठ भाजपा पार्षद शिव वर्मा ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए निर्वाचन आयोग और सर्वे टीम को धन्यवाद दिया है।
शिव वर्मा ने कहा कि जैसे पुलिस भर्ती में फिटनेस टेस्ट आवश्यक है, उसी प्रकार योग्य और वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया अत्यंत जरूरी है। उन्होंने बताया कि दो दशकों बाद पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर गणना पत्रक आधारित सर्वे किया जा रहा है, जिससे नागरिकता की पुष्टि, परिवार का रिकॉर्ड तथा मतदाता के वास्तविक पते का सत्यापन मजबूत होगा।
सर्वे टीम और जनप्रतिनिधियों को दिया धन्यवाद पार्षद वर्मा ने इस अभियान में जुटी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, निगम के अधिकारी-कर्मचारियों, शासन–प्रशासन के कार्मिकों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मेहनत से यह विशाल कार्य समय पर पूरा होगा।
गणना पत्रक भरना अनिवार्य, बीएलओ से संपर्क करने की अपील उन्होंने स्पष्ट किया कि 2024–25 की मतदाता सूची में जिनका नाम है, उनके लिए यह गणना पत्रक भरना अनिवार्य है। यदि किसी को फ़ॉर्म प्राप्त नहीं हुआ है, तो वह तुरंत अपने बीएलओ से संपर्क करें।
शिवा वर्मा ने बताया कि—
जिनकी उम्र 2003 के बाद 18 वर्ष हुई है, उन्हें परिवार की 2003 की मतदाता सूची का विवरण देना अनिवार्य है जिन बालिकाओं की शादी हो चुकी है, उन्हें अपने माता-पिता की भाग संख्या, सरल क्रमांक और EPIC नंबर देना होगा।
जिन व्यक्तियों के माता-पिता का नाम 2003 की सूची में पंजीकृत नहीं है, उन्हें भी यह फ़ॉर्म अवश्य भरना होगा 13 बिंदुओं पर आधारित दस्तावेज़ सूची, C श्रेणी वालों का होगा अतिरिक्त परीक्षण
शिव वर्मा ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने दस्तावेज़ सत्यापन के लिए 13 बिंदुओं वाली डॉक्यूमेंट लिस्ट निर्धारित की है। इनमें से किसी भी एक दस्तावेज़ को लगाना अनिवार्य है।
जो लोग C श्रेणी में आएंगे, उनका आगे परीक्षण कर नागरिकता सुनिश्चित की जाएगी 14 तारीख को प्रकाशित होगी संशोधित मतदाता सूची
उन्होंने कहा कि आयोग ने आवेदकों की सुविधा के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। 14 तारीख को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसमें नाम शामिल होने पर नागरिकता सुनिश्चित मानी जाएगी।
किराएदारों से विशेष अपील पार्षद वर्मा ने किराएदारों को सलाह दी कि वे 2003 में जहां रहते थे, उस क्षेत्र के बीएलओ या पार्षद से संपर्क कर अपना आवश्यक विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि उनका रिकॉर्ड सही ढंग से अपडेट हो सके।
अंत में उन्होंने निवेदन किया कि जिस किसी को भी गणना पत्रक मिला है, वह इसे तुरंत बीएलओ को जमा करें, ताकि उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर पूरी हो सके और संशोधित मतदाता सूची में उनका नाम सुरक्षित रहे।




