
बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता अनुज कुमार बंजारे ने 18 अक्टूबर को हुए कथित सड़क हादसे को सिरे से खारिज करते हुए इसे सुनियोजित जानलेवा हमला बताया है। अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक बालोद को लिखित शिकायत सौंपकर मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है।

हनीट्रैप केस की पैरवी से जुड़ा मामला
अधिवक्ता अनुज कुमार बंजारे ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वे निपानी निवासी युवक से जुड़े हनीट्रैप प्रकरण की पैरवी कर रहे हैं। इस मामले में भिलाई निवासी आरोपी महिला की जमानत वे लगातार न्यायालय से खारिज करवा रहे थे। इसके बाद से ही आरोपी पक्ष द्वारा उनकी रेकी किए जाने की आशंका बनी हुई थी।
थानों में आरटीआई देने के बाद पीछा किए जाने का आरोप
पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, वे हनीट्रैप प्रकरण से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी के लिए सुपेला, छावनी और जामुल थाना में आरटीआई आवेदन देकर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ संदिग्ध लोग उनका पीछा करते नजर आए।

परसोदा–चरोटा मोड़ पर हमला
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि परसोदा–चरोटा मोड़ के पास बाइक से आए कुछ युवकों ने उन्हें रोका, जबरन हेलमेट उतरवाया और लोहे की रॉड से सिर पर वार किया। इसके बाद शरीर के अन्य हिस्सों में बेरहमी से मारपीट कर उन्हें घायल अवस्था में सड़क पर फेंक दिया गया।
राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने घायल अधिवक्ता को जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें भिलाई रेफर किया। होश में आने के बाद अधिवक्ता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में अधिवक्ता के पिता अस्थिर राम और उनकी पत्नी ने भी घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत होता है, लेकिन अधिवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। दोनों एंगल से जांच जारी है। यदि अधिवक्ता के साथ कोई गलत हुआ है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
बाइट
अनुज कुमार बंजारे, घायल अधिवक्ता, बालोद
अनुसुइया बाई, घायल अधिवक्ता की पत्नी
विजय बारले, पूर्व अध्यक्ष – जिला सतनामी समाज, बालोद




