
बालोद। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव से रविवार को बालोद क्षेत्र के दर्जनों पत्रकारों ने मुलाकात की। पत्रकारों ने इस दौरान अपने आवेदन के साथ क्षेत्र में पत्रकारों पर हो रही अनावश्यक कार्रवाई, झूठी FIR दर्ज करने और द्वेषपूर्ण रवैये की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों से मीडिया जगत में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
पत्रकारों की समस्याएँ सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय में डीजीपी छत्तीसगढ़ से चर्चा कर आवश्यक और ठोस पहल करेंगे। उन्होंने कहा—
“पत्रकार लोकतंत्र की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके खिलाफ अनावश्यक व मनमानी कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।”
मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने अपनी कार्य-परिस्थितियों, प्रशासनिक सहयोग की कमी, और प्रेस स्वतंत्रता पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की।

मुलाकात में शामिल पत्रकार
वीरेंद्र भारद्वाज, नरेंद्र खोब्रागड़े, आलोक गुप्ता, बलराम गुप्ता, संतोष कोशी, अजयन पिल्ले, हीरालाल पवार, भोजराम साहू, नीलेश श्रीवास्तव, राघवेन्द्र शर्मा, कमल शर्मा, शेखर गुप्ता, कमल साहू, छगन साहू, गोरेलाल सोनी, तेजराम साहू, ओम गोलछा, योगेश कुमार साहू, दीपक राजाभोज, मोहन दास मानिकपुरी, लक्ष्मी कांत बंसोड़, किशोर साहू, राजेश पटेल, शिव जायसवाल, रवि भूतड़ा, राहुल भूतड़ा, संतोष साहू, विकास साहू, संजय सोनी, बोधन भट्ट, टीकम पिपरिया, परस साहू, मीनू साहू, खिलावन चंद्राकर, तिलक राम देशमुख, केशव सिन्हा, तरुण नाथ योगी, मो. फुरकान खान, अंकित टाटिया, यशवंत निषाद, दीपक देवदास, सोनू देवदास, दानवीर साहू, नरेश जोशी, राजेश साहू, देवेंद्र साहू, जगन्नाथ साहू, मधुसागर, कृष्णा गंजीर, अमित मंडावी, तहजीब खान, मंजू शर्मा, टामन साहू, जागेश्वर सिन्हा, हेमशंकर सोनवानी और सतीश रजत सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।

पत्रकारों की उम्मीदें
उपमुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद पत्रकारों ने भरोसा जताया कि शासन स्तर पर उचित कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में पत्रकारों के प्रति किसी भी प्रकार की द्वेषपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगेगी




