छत्तीसगढ़दुनिया

तालाब में डूबते बच्चे को बचाने वाली छात्रा का होगा सम्मान, दिखाई अद्भुत बहादुरी

बालोद छत्तीसगढ़

ग्राम मटिया (अर्जुदा) में 2 अक्टूबर को तालाब में डूबे मासूम बच्चे की जान बचाने वाली कक्षा 9वीं की छात्रा हेमाद्री चौधरी को अब सम्मानित किया जाएगा। स्वामी आत्मानंद स्कूल प्रबंधन ने छात्रा के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित करने की जानकारी दी है।

शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा पहली के छात्र ईशान यादव की जान बचाने में 14 वर्षीय हेमाद्री ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अद्भुत साहस दिखाया l

कैसे बचाई मासूम की जान

घटना के दिन दशहरा पर्व पर कोठार में रावण दहन की तैयारियां चल रही थीं। तभी 10 वर्षीय पूरब यादव घबराए हालत में आया और बताया कि उसका छोटा भाई ईशान तालाब में डूब गया है।मौके पर मौजूद एक युवक से मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन उसने तालाब में उतरने से मना कर दिया। ऐसे में हेमाद्री खुद ही सात फीट गहरे पानी में कूद पड़ी और किसी तरह बच्चे को बाहर निकालकर किनारे लिटाया। उसने बच्चे का पेट दबाकर पानी बाहर निकाला, जिससे उसकी सांसें वापस आने लगीं।बाद में ग्रामीणों ने ईशान को पहले घर, फिर निजी डॉक्टर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुदा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे भिलाई और फिर शंकराचार्य जुनवानी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां वह लगभग एक सप्ताह आईसीयू में भर्ती रहा l

डॉक्टर बोले — दो मिनट और होते, तो मुश्किल हो जाता डॉक्टरों के अनुसार यदि बच्चा दो मिनट और पानी में रहता, तो उसे बचाना बेहद कठिन हो जाता। फिलहाल ईशान पूरी तरह स्वस्थ है।

कैसे हुआ हादसा

ग्रामीणों के मुताबिक ईशान अपने बड़े भाई और दोस्तों के साथ तालाब में चुंबक से सिक्के निकालने उतरा था। इसी दौरान वह दलदल में फंसकर गहराई में चला गया। छात्रा को मिल सकता है वीरता पुरस्कार स्वामी आत्मानंद स्कूल प्रबंधन ने बताया कि हेमाद्री की बहादुरी को देखते हुए उसके नाम वीरता पुरस्कार का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!