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सफाई कर्मियों के खाते में ठेकेदार जमा नहीं कर रहे ईपीएफ का पैसा, कर्मचारियों ने किया काम बंद

राजनांदगांव छत्तीसगढ़

राजनांदगांव। नगर पालिका निगम राजनांदगांव में सफाई व्यवस्था एक बार फिर विवादों में है। शहर के इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 41 के सफाई कर्मियों ने आज काम बंद कर दिया और ठेकेदार पर ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) की राशि जमा नहीं करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मांग की है कि उनके खातों में रोकी गई ईपीएफ राशि तत्काल जमा की जाए।

नगर निगम में अब तक नए सिरे से सफाई ठेके की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। पुराने ठेकेदार ही काम चला रहे हैं, जिनमें कई पूर्व पार्षद शामिल हैं। वहीं कुछ वार्डों में महिला समूहों को ठेका देकर सफाई कार्य कराया जा रहा है।

 

ईपीएफ राशि जमा नहीं, ठेकेदारों पर आरोप

 

इंदिरा नगर वार्ड के सफाई कर्मियों ने बताया कि पिछले कई महीनों से उनके ईपीएफ खाते में ठेकेदार द्वारा कोई राशि जमा नहीं की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि समूह के जिम्मेदारों ने पैसा निकाल लिया है, लेकिन ईपीएफ में जमा नहीं किया गया।

पूर्व पार्षद एवं महापौर परिषद के पूर्व चेयरमैन राजेश गुप्ता ‘चंपू’ ने बताया कि पूर्व महापौर हेमा देशमुख के कार्यकाल में मेयर-इन-कौंसिल के सभी सदस्यों और पार्षदों को सफाई का ठेका दिया गया था। वे तीन साल तक वार्ड 41 का ठेका चला रहे थे। निगम से राशि मिलने में देरी के बावजूद वे कर्मचारियों को अपनी जेब से तनख्वाह देते थे ताकि सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

 

राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि बीते 16 महीनों से भेदभावपूर्ण तरीके से उनका भुगतान रोक दिया गया है, जबकि अन्य ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह में नगर निगम द्वारा सरस्वती महिला समूह के खाते में ₹1,93,087 जमा किए गए थे, लेकिन समूह की विद्या देवी और रोहित यादव ने कर्मचारियों को राशि देने से इंकार करते हुए टालमटोल की।

उन्होंने यह भी बताया कि समूह के खाते से पैसा निकाल लिया गया है, बावजूद इसके कर्मचारियों के चार माह का ईपीएफ लगभग ₹2,12,000 अब तक जमा नहीं किया गया है। राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने खुद ₹7,000 ईपीएफ जमा करने के लिए दिए थे, लेकिन जब समूह की ओर से ₹2 लाख का चेक सिमुवाल को दिया गया तो वह बाउंस हो गया।

 

“राजनैतिक षड्यंत्र के तहत हटाया गया ठेका”

 

राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि जुलाई से उन्हें दबाव और राजनीतिक षड्यंत्र के तहत ठेके से हटा दिया गया है, जबकि सफाई कार्य में आज भी उनके उपकरण — रापा, ठेला और घमेला — का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों का पीएफ तत्काल जमा कराया जाए और इस मामले की जांच की जाए।

 

कर्मचारियों की मांग – “समय पर जमा हो ईपीएफ”

 

सफाई कर्मचारी नितिन बघेल ने कहा कि 16 महीने से ईपीएफ का पैसा नहीं जमा हुआ है। पिछले महीने एक माह का पैसा आया था, लेकिन समूह ने वह भी जमा नहीं किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनका ईपीएफ समय पर जमा किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

 

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