
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं जागरूकता अभियान तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के अंतर्गत जिला न्यायालय बालोद में आज संविधान दिवस बड़े ही गरिमामय ढंग से मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की उद्देशिका के सामूहिक वाचन से हुई, जिसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के अध्यक्ष, प्रधान जिला न्यायाधीश श्री एस.एल. नवरत्न ने संबोधित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संविधान देश की आत्मा एवं सर्वोच्च विधि है। यह मात्र कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र को एकसूत्र में बांधने वाला पवित्र ग्रंथ है, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें उन संवैधानिक मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—का स्मरण कराता है, जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। यह दिन नागरिकों को न केवल उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करता है, बल्कि कर्तव्यों के पालन हेतु प्रेरित भी करता है।
कार्यक्रम में श्री किरण कुमार जांगड़े, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद, श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो न्यायालय) बालोद, श्री ताजुद्दीन आसिफ, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बालोद, श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद, श्री संजय कुमार सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद, सुश्री भारती कुलदीप, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद, कु. भूमिका ध्रुव, व्यवहार न्यायाधीश बालोद, श्री अजय साहू, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ बालोद सहित अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के काउंसिलगण, न्यायालयीन कर्मचारी एवं पैरालीगल वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।




