
शहर का नया बस स्टैंड इन दिनों गैरेज में तब्दील हो चुका है। स्टैंड पर जगह-जगह खराब ट्रक और बसें खड़ी कर उनकी मरम्मत खुलेआम की जा रही है। ट्रक-बस मालिकों ने वाहनों की पार्किंग या मरम्मत के लिए अलग डिपो की कोई व्यवस्था नहीं की। नगर पालिका और परिवहन विभाग की लापरवाही का खामियाजा यह भुगतना पड़ा कि स्टैंड में एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई।
शनिवार दोपहर करीब 2 बजे गुरुकुल की ओर से स्कूटी पर सवार एक महिला अपने बच्चे के साथ घर लौट रही थी। इसी दौरान बस स्टैंड के बीच सड़क पर खराब ट्रक खड़ा कर उसकी मरम्मत चल रही थी। तभी राजनांदगांव की ओर से आ रही एक बस स्टैंड में घुसी और स्कूटी सवार महिला बस से टकरा गई। गनीमत रही कि मां-बेटा इस हादसे में बाल-बाल बच गए।

घटना की सूचना मिलते ही यातायात टीआई रविशंकर पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने गैरेज संचालकों को ट्रक तुरंत हटाने के निर्देश दिए और सख्त चेतावनी दी कि सड़कों पर किसी भी प्रकार का वाहन खड़ा न करें। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई।
स्थानीय नागरिक पीलूराम निषाद ने कहा, “जब तक आरटीओ और नगर पालिका की संयुक्त टीम सख्त कार्रवाई नहीं करेगी, बस स्टैंड की अव्यवस्था खत्म नहीं होगी।” लोगों का कहना है कि बस स्टैंड अब यात्रियों का ठिकाना नहीं, बल्कि गैरेज और कबाड़खाना बनकर रह गया है।




