ज्योति सोनी की आवाज़ में महकी मिट्टी की सुगंध, खलारी में गूंजी लोक धुनें
बालोद (खलारी)

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की खुशबू से सराबोर खलारी की धरती पर बीती रात लोकगायिका ज्योति सोनी और उनकी टीम ने अपनी सुरीली प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि देर रात तक पूरा क्षेत्र लोक सुरों और ताल की गूंज में डूबा रहा।
तेलुगु मातृभाषा होने के बावजूद छत्तीसगढ़ी लोक संगीत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी ज्योति सोनी तीन बार की वर्तमान पार्षद हैं और समाजसेवा के साथ-साथ संगीत में भी गहरी रुचि रखती हैं। उनके मधुर स्वर और लोकधुनों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में ज्योति सोनी के साथ ज्योति भट्टी, विज्जु और चंचल ने लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। करीब 35 कलाकारों ने मंच पर लोकसंस्कृति की विविधता को सुर और ताल में पिरोकर जीवंत कर दिया। रात से लेकर सुबह तक चली इन प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ी लोकपरंपरा की आत्मा को मंच पर साकार कर दिया।
इस सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन गणेश समिति, खलारी कुम्हार पसरा (जिला बालोद) द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान ज्योति सोनी ने कहा —
“छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति गीतों, नृत्यों और परंपराओं की आत्मा है। ऐसे सांस्कृतिक समारोहों का उद्देश्य विभिन्न समुदायों की लोक परंपराओं को आगे बढ़ाना है ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।”
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सांस्कृतिक प्रेमियों की उपस्थिति ने इसे और भी भव्य बना दिया।
📞 कार्यक्रम हेतु संपर्क: 6261541211




