
- हाई स्कूल मोखा में हुई कंप्यूटर चोरी का खुलासा
- चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
- चोरी का सामान खरीदने वालों को भी बनाया गया आरोपी
- बीट प्रणाली की प्रभावी कार्यवाही से मिली सफलता

विवरण: हाई स्कूल मोखा में 11-12 अगस्त 2025 की रात को अज्ञात चोरों द्वारा कंप्यूटर कक्ष से कंप्यूटर मॉनिटर, सीसीटीवी मॉनिटर, सीपीयू, यूपीएस, कीबोर्ड और माउस चोरी कर लिया गया था। इस संबंध में शिक्षक नरेंद्र कुमार साहू ने 12 अगस्त 2025 को थाना गुरूर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज के निर्देशानुसार बीट प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर और एसडीओपी गुरूर श्री बोनीफॉस एक्का के नेतृत्व में थाना गुरूर की टीम और बीट प्रभारियों ने चोरी गए सामान और आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान संदेही वासुदेव सिन्हा और लोमेश यादव उर्फ गोलू से कड़ाई से पूछताछ की गई। दोनों ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया और बताया कि चोरी का सामान चेतन यादव और दीपक कुरेटी को बेचा गया था। यूपीएस को पुलिस के डर से नहर नाले में फेंक दिया गया था।
पुलिस ने धारा 23(2) साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज किए और उनके आधार पर चोरी गया सामान, जिसमें कंप्यूटर मॉनिटर, सीसीटीवी मॉनिटर, सीपीयू और कीबोर्ड शामिल हैं, बरामद कर लिया गया। चारों आरोपियों—वासुदेव सिन्हा, लोमेश यादव, चेतन यादव और दीपक कुरेटी—को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
विशेष भूमिका: इस प्रकरण को सुलझाने में थाना प्रभारी गुरूर निरीक्षक सुनील कुमार तिर्की, बीट प्रभारी प्र.आर. संतोष शर्मा, विवेक सिन्हा, आरक्षक कोमल साहू, पीतांबर निषाद, गिवेंद्र नेताम और दिनेश नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




