
आंध्र जाति से ताल्लुक रखने वाली छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगायिका ज्योति सोनी अपनी मधुर आवाज से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत करने खलारी पहुंच रही हैं। श्री गणेश एवं लक्ष्मी उत्सव समिति के आयोजन में 35 कलाकारों द्वारा 45 छत्तीसगढ़ी लोकगीतों का शानदार समागम रचा जाएगा। यह कार्यक्रम 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को रात्रि 10 बजे खलारी के कुम्हार पारा में आयोजित होगा। आयोजकों ने सभी छत्तीसगढ़वासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का आह्वान किया है।
लोक मंच ‘मया’ के कलाकारों का जलवा
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक मंच ‘मया’ के बदरिया ग्राम (बगवाही, भानुप्रतापपुर) के जैन-सूर्यवंशी कृत दूरदर्शन, आकाशवाणी एवं एल्बम कलाकार हिस्सा लेंगे। ज्योति सोनी के नेतृत्व में ये 35 कलाकार छत्तीसगढ़ की माटी, बोली और परंपराओं से सजे 45 लोकगीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को पिरोकर संरक्षित रखना है, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
ज्योति सोनी: आंध्र मूल की छत्तीसगढ़ी आवाज
आंध्र जाति से होने के बावजूद ज्योति सोनी ने छत्तीसगढ़ी लोक संगीत में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनकी सुरम्य धुनें राज्य की मिट्टी और बोली को इतनी खूबसूरती से पिरोती हैं कि वे लोकप्रिय लोकगायिका के रूप में विख्यात हो चुकी हैं। यह स्टेज शो न केवल उनके संगीत सफर की नई शुरुआत है, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोकगीतों में ताजगी का संचार भी करेगा।
ज्योति सोनी की भावुक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम से पूर्व ज्योति सोनी ने कहा, “छत्तीसगढ़ में लोकगायिका बनाने का श्रेय मेरे संगीत मार्गदर्शक मोहन सुंदरानी जी को जाता है। उनके आशीर्वाद से मैं यहां तक पहुंची हूं। मेरे हर गीतों का संगीत निर्देशक व गीतकार भुवन साहू को हृदय से धन्यवाद। छत्तीसगढ़ की बोली और गीतों में अपनापन है, जो मेरी आत्मा को छूता है। इस भूमि का सौभाग्य मुझे मिला है—संगीत, माटी और मया की धरती। मैं चाहती हूं कि मेरे गीतों से लोग प्रदेश की परंपराओं को करीब से महसूस करें। खलारी कार्यक्रम के लिए समस्त छत्तीसगढ़वासियों का आशीर्वाद चाहती हूं।”
आइए, संस्कृति का उत्सव मनाएं!
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक धुनों का अनुपम संगम होगा। आयोजक समिति ने सभी को आमंत्रित किया है—परिवार सहित शाम 10 बजे कुम्हार पारा पहुंचें और ज्योति सोनी के सुरों में डूब जाएं! अधिक जानकारी के लिए स्थानीय समिति से संपर्क करें।
स्रोत: श्री गणेश एवं लक्ष्मी उत्सव समिति, खलारी




